दिपा दिदी की मदमस्त गांड़

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मेरी बडी दिदी दिपा 2 साल पह्लले शादी कर चुकी थी, इन दो साल मे उनके शरीर के आकार मे थोड़ा बहुत परिवर्तन भी हो चुका था ! दिपा के चेहरे की खुबसुरती मे निखार आ चुका था, उसके गठीले स्तन मे थोड़ी लचक आ चुकी थी, उसके सिने को देखने से लगता था की दो रसिले आम लटक रहे हो, उसके चुत्तर जोकी पहले से ही मांसल थे मे काफ़ी उभार आ चुका था, उसके चुत्तर के दरार जब आपस मे टकराते थे तो मन करता था की साली की गांड़ चोद ड़ालु ! दिदी से मिलने देल्ही गया हुआ था तो मेरे जिजा काम पर निकल गये और मै और मेरी दिदी उनके जाने का इंतजार कर रहे थे !

दिपा दरवाजा को बंद की तो मै उनके करीब जाकर खड़ा हो गया, वो काले रंग़ के गाउन मे सेक्सी लग रही थी ! उनको अपने बाहो मे लेकर गाल ओंठ चुमने लगा तो वो मेरे छाति से अपने स्तन को रगड़ रही थी, मै दिदी के रसिले ओंठ को चुसता हुआ उनके मस्त चुत्तर को सहला रहा था, उनका गाउन काफ़ी छोटा था तो मै उसको कमर तक करके अर्ध नग्न चुत्तर को सहला रहा था, दिपा मेरे मुह्न मे अपना लम्बा सा जिभ ड़ाल दी तो मै उसकी जिभ चुसने लगा और उसके जी स्टरिण्ग पेंटी को खोल दिया ! वो जिभ बाहर करके मेरे सामने खुद ही गाउन उत्तार फ़ेंकी तो मै अपना बरमुड़ा खोल दिया, दिदी मेरे पैर के पास बैठकर लंड़ को पकड़ ली और उसके सुपाड़ा को अपने ओंठ और गाल पर रगड़ने लगी, मेरा लंड़ खम्बे की तरह खड़ा हो चुका था ! दिदी मुझसे नज़र मिलाते हुए मेरे लंड़ को मुह्न मे भर ली और उसे चुसने लगी जबकी उनकी उंग़ली झांट मे घुम रही थी, दिदी सिर्फ़ ब्रा और पेंटी मे सेक्सी लग रही थी तो वो पल भर बाद मेरे लंड़ को मुह्न से बाहर करके उसको अपने जिभ से चाटने लगी तो मेरा लंड़ बिल्कुल ही फ़नफ़नाने लगा ! दिपा कुछ देर तक लंड़ को चाटती रही और फ़िर वो मुह्न मे भरकर मुह्न का झट्का लंड़ पर देते हुए मस्त हो रही थी, मुखमैथुन मे दिपा उस्ताद थी और वो लंड़ चुभलाते हुए मेरे चुत्तर को सहलाने लगी !

दिदी दिपा के साथ बेड़रूम गया और वो बिस्तर पर सो गयी, मै उनको करवट किया और ब्रा सहित पेंटी को खोल दिया ! दिदी नग्न लेटी थी तो उसको चित करके उसके सिने पर झुका और स्तन को मुह्न मे भर लिया, दिपा की चुचि को चुसता हुआ उनके दुसरे स्तन को मसलने लगा, वो “आह्हह ऊह्ह राहुल और तेज चुसो ना मेरी चुचि ‘ सिसकने लगी तो मै उसके दुसरे स्तन को चुसने लगा ! 5 फ़ीट 5 इंच की नग्न मदमस्त जवानी मेरे सामने नग्न थी तो मै उसके नग्न सपाट पेट से लेकर कमर तक को चुमने लगा, वो बिस्तर पर तड़प रही थी तो मेरा लंड़ चोदने को आतुर था, अब दिदी के दोनो जङ्हा को कसकर पकड़ा और उस पर चुम्बन देने लगा ! वो सिसक रही थी और उसके नग्न सेक्सी पैर तक को चुम कर उनको पट लिटाया, दिदी की गोल गुम्बदाकार चुत्तर के दोनो फ़ांक खरबुजे की भांती थे तो मै उनके चुत्तर पर मख्खन रगड़ने लगा, उसकी चुतर के फ़ांक के बिच के दरार मे भी मख्खन लगा रहा था तो दिदी अपने आपको कोहनी और घुट्ने के बल कर ली ! दिपा के नितम्ब के छेद पर उंग़ली रगड़ता हुआ थोड़ा मख्खन अंदर पेला और फ़िर गांड़ मे उंग़ली करता हुआ मख्खन को अंदर कर रहा था ! अब मै दिपा के चिकने मांसल चुत्तर को चुमने लगा तो वो मुझे मुड़कर देख रही थी, मेरा जिभ उनकी गांड़ के दरार को चाट रहा था और फ़िर मै उनके बुर के फ़ांक को अलग करके बुर को जिभ से चाटने लगा ! दिपा के स्तन सिने से झुल रहे थे तो मै चुचि को मसलता हुआ उसकी बुर को जिभ से चोदने लगा, तभी मै दिपा के गांड़ के मुहाने पर जिभ फ़ेरने लगा और लपालप कुत्ते की तरह उसके गांड़ को चाटने लगा ! दिपा के गांड़ को चाटता हुआ बुर मे एक उंग़ली किया और बुर कुरेदने लगा तो वो “आआह्हह ऊम्मम्म राहुल अब चोदो ना इतनी खुज्ली बुर मे हो रही है

(राहुल) आज तुम्हारी गांड़ चोदुंग़ा समझी

(दिपा) तो क्या हुआ मुझे तो गांड़ मे तेरे लंड़ का इंतजार है. ”

मै अपने लंड़ पर तेल गिराकर लंड़ की मालिश की, फ़िर उसके गांड़ मे सुपाड़ा को पेलकर कमर थामा, धीरे-2 आधा लंड़ उसकी गांड़ मे था तो मै उसके कमर को कसकर पकड़ा और जोर का झट्का उसकी गांड़ मे दे दिया, उसकी सख्त गांड़ मे मेरा लंड़ फ़ंसा सा लग रहा था तो वो चिल्लाने लगी….. “आह्हह फ़ाड़ दिया ऊह्ह तेरा लंड़ कितना मोटा है. ” और मेरा लंड़ उसकी गांड़ मे धीरे-2 आ जा रहा था, उसके गांड़ को तेल और मख्खन से चिकना बनाया था लेकिन दिदि की गांड़ की छिद्र सिकुड़ी हुई थी ! आज दिपा के गांड़ की पहली चुदाई हो रही थी, इसलिये मेरे मुसललंड़ को अंदर बाहर होने मे दिक्कत हो रही थी, मै कमर थामे अब तेज गती से दिपा की गांड़ चोद रहा था तो वो धीरे-2 अपने चुत्तर को आगे पिछे कर रही थी ! लग्भग 5-7 मिनट तक दिपा की गांड़ चोदता रहा तो अब दोनो को मजा आने लगा था, वो ‘और जोर से चोदो ना गांड़ को मेरे गांड़ को काफ़ी मजा आ रहा है’, लेकिन मै अब लंड़ को गांड़ से निकाल कर उसके बुर मे पेल दिया ! दिपा की बुर रसिली थी, वो गांड़ चुदवाते वक़्त अपने बुर से रस छोड़ चूकी थी, मै दिदी की चुत चोदता हुआ उनके कमर को कसकर पकड़ा, वो अपने नितम्ब को हिला ड़ुलाकर चुद रही थी तो मै उसके सिने से झुलते स्तन को पकड़ कर दबाने लगा ! दोनो चुदाई मे लिन थे और 5-7 मिनट की चुदाई के बाद मै बाथरूम चला गया !

दोनो फ़्रेश हुए और दिपा बिस्तर पर टांग़ फ़लकाये सो गयी, मै उसके जङ्हा के बिच बैठ्कर अपना लंड़ उसके गांड़ के मुहाने पर रखा और फ़िर जोर का धक्का दे मारा, मेरा आधा लंड़ गांड़ मे था तो मै उसके कमर के निचे एक तकिया ड़ाल दिया ! दिपा की गांड़ मे दुबारा जोर का धक्का मारा और मेरा पुरा लंड़ गांड़ मे था, अब दिदि के दोनो पैर को हवा मे उठाये गपागप लंड़ को गांड़ मे पेलने लगा, दिपा के चेहरे पर पसिने थे तो मेरा लंड़ कोई खरञा की तरह गांड़ फ़ाड़ रहा था ! वो जोर-2 से चिंखने लगी…… “ऊह्हह आह्हह राहुल अब गांड़ की आग बुझा दो ना कितनी गर्मी हो रही है. ” और मेरा लंड़ उसके मांसल गांड़ को चोदने मे लिन था, फ़िर मेरा लंड़ पुरी तरह से गरम हो गया, लग्भग 15 मिनट से दिदि की गांड़ या बुर चोद रहा था फ़िर चिंख उठा…… “ओह्हह्ह ऊम्मम्म दिपा मेरे लंड़ का रस निकला. ” मेरा लंड़ दिदि की गांड़ मे विर्यपात कराकर शांत पड़ गया !

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