चचेरी बहन : गांव में सहवास

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दोस्तों
राहुल का नमस्कार, भाई और बहन तो बाप और बेटी साथ ही कई रिश्ते जोकि खून के संबंध होते हैं के बीच शारीरिक संबंध बनाना हमारे समाज में घिनौना कृत्य माना जाता है लेकिन यदि भावनाएं नाम के हों और बहन भाई को अपनी जाल में फांस ले तो क्या कहेंगे। मैं तो २८ साल का बैचलर लड़का, सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत हूं और मेरा कसरती बदन से लेकर लंबाई ( ५’११ इंच ) तो सांवला चेहरा किसी भी लड़की या औरत को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है, मैं अपने गांव एक शादी में गया हुआ था तो मेरी चचेरी बहन रिमझिम भी आई हुई थी, वो मुस्किल से २३ साल की होगी तो उसका एक बच्चा भी है और उसके पति उसके साथ शादी में शरीक होने आए थे, चचेरी बहन देखने में सुंदर तो लंबाई ५ फीट ३ इंच की होगी और चेहरे पर मासूमियत लेकिन उसके रहने के अंदाज से मैं काफी सदमे में था। मैं तो बड़े अंकल के घर पर रुका हुआ था तो रिमझिम भी वहीं अपने पति और बच्चे के साथ रूकी हुई थी, वो हमेशा मुझसे एक दूरी बनाए रहती थी तो मेरे गुस्से से उसको भय भी होता था और फिर मैं शाम को गांव पहुंचा तो रिमझिम मुझे देख आगे बढ़ी फिर झुककर मेरे पैर छू ली, शादी के बाद पहली बार उसे देखा था तो वो मेरे हाथ से बैग लेकर रूम में गई और मैं उसके चूतड को देख मस्त हो गया फिर सोचा कि बहन के बारे में सोचना गंदी बात है, मैं बरामदे पर बैठा फिर रिमझिम आई ” चाय पीजिएगा भैया
( मैं उसे देख बोला ) हां थोड़ी कडक़ चाय ” वो आसमानी रंग के साड़ी में मस्त दिख रही थी, उसकी पतली कमर साथ ही गोल गद्देदार चूतड तो मेरे होश उड़ा दिए थे और उसके डीप नेक ब्लाउज पर साड़ी का पल्लू थोड़ा नीचे रखना यकीनन उसकी गोरी चूचियां दिख रही थी, वो चाय बनाने गई तो मैं उठकर रूम गया फिर टॉवेल लपेट कर पेंट उतार शॉर्ट्स पहन लिया और मैं बाहर आकर बैठा तभी बड़ी चाची आई तो मैं उनको प्रणाम किया और कुर्सी पर बैठकर चाची से पूछा ” जीजा जी कहां है
( रिमझिम चाय का प्याला लिए किचन से निकली ) वो शहर गए हैं भैया ” और फिर मुझे चाय का प्याला देने के क्रम में उसका पल्लू नीचे गिर गया तो मानो दोनो चूचियां ब्लाउज से बाहर निकलने को बेताब थे, मैं उसकी चूचियों को देख तड़प गया और वो सीधे होकर पल्लू ठीक कर मेरे सामने बैठ चाय पीने लगी, मुझे तिरछी नजर से देखते हुए मुझे कुकर्म को उकसा रही थी और मैं चाय का प्याला रख छत पर चला गया।
मैं छत पर जाकर खड़ा था तो पीछे से वो भी आई और फिर मेरे बगल में खड़ी होकर पूछी ” भैया किसका इंतज़ार कर रहे हैं
( मैं उसको देख मुस्कुराया ) उसका इंतजार जो पूरा नहीं होगा
( वो बोली ) अच्छा मुझे बताइए तो सही आखिर कौन मेरे भाई को इंतजार करवा रही है
( मैं उसकी ओर देखा ) तुम अभी तक नादान हो और आंखों की भाषा नही समझती ” ये कहते हुए मेरा हाथ उसके कंधे पर चला गया और गांव में हमारा घर सबसे आखिरी में था, किसी की नजर भी हम पर नहीं पड़ सकती थी लेकिन रिमझिम थोड़ी सकपका गई फिर भी मेरी ओर चेहरा करते हुए मुझसे लिपट गई तो मैं उसके चूतड को सहलाने लगा और बोला ” इंतजार किसका है समझ गई
( वो मुझसे दूर हुए झेंप गई ) हां लेकिन रात को, वो भी तो हैं
( मैं उसको देख बोला ) उनको कुछ खास खिलाकर सुला देना क्या ” और फिर मैं तैयार होकर शादी के घर पहुंचा तो शादी कल रात होनेवाली थी लेकिन आज मैं अपनी बहन रिमझिम के साथ सुहागरात मनाने वाला था साली की मोटी चिकनी बाहें तो चौड़ी छाती देख लन्ड टाईट हो गया साथ ही उसके गोरे चिकने बदन मे तो मानो काम रस भरा हो। रात के ०९:३० बजे सबलोग खाना खाए फिर मैं बरामदे के बेड पर लेट गया तो रिमझिम बेडरूम घुसी और उसका पति तो व्हिस्की के नशे में चूर था, साली को नींद का टेबलेट दिया था ताकि उसे दूध में मिलाकर पिला दे फिर दोनो का प्यार सह नाजायज संबंध बन सके, बहन तो पत्नी और मां भी थी लेकिन एक कामुक औरत भी और मैं बाहर बरामदे के बेड पर लेटकर उसकी राह देख रहा था।
यात्रा के कारण थोड़ी थकावट थी इसलिए आंख लग गई, गांव का मौसम और उसपर से नवंबर का महीना तो चादर तन पर डाले सो गया फिर मेरी नींद तब खुली जब मुझे अपने तन पर किसी के हाथ का स्पर्श महसूस हुआ, मैं आंखें खोला तो बेड के किनारे रिमझिम बैठी हुई थी और मैं उसके हाथ को पकड़ा फिर उठकर बैठा तो वो साड़ी पहन रखी थी, अब दोनो बेड पर बैठे हुए थे तो वो मेरे काफी करीब होकर बोली ” उनको निंद की दवाई खिला दी हूं
( मैं उसके ओंठ पर उंगली रख बोला ) बातें कम काम ज्यादा ” और फिर रिमझिम को बिस्तर पर लिटाकर उसके पल्लू को छाती पर से हटाया तो सांसों के साथ चूचियों की उफान दिख रही थी और फिर उसके ऊपर सवार हुए उसके गाल चूमने लगा तो वो मुझे कसकर जकड़े मेरे चेहरे को चूमने लगी, फिर तो मैं उसके रसीले ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा तो मेरी छाती को उसके बूब्स का एहसास हो रहा था, पल भर बाद उसके ओंठ मुंह से निकाल उसके चेहरे को चूमने लगा। रिमझिम भले ही नादान लगती हो लेकिन शादी के बाद काफी बदल गई थी और वो झट से मुझे धकेल उठ बैठी फिर मैं उसके ब्लाउज पर से ही बूब्स पकड़े दबाने लगा तो वो भी मेरा साथ दे रही थी, अपने ब्लाउज उतार बूब्स नंगा कर दी फिर मेरे शॉर्ट्स के उपर से ही लन्ड को पकड़ ओंठ पर ओंठ रखी लेकिन मैं उसकी चूची को चूसने को आतुर था, अब रिमझिम को बेड पर लिटाकर उसके बूब्स पकड़े दबाने लगा और फिर झुककर उसके एक चूची को मुंह में लिए चूसने लगा तो दूसरे चूची को दबाते हुए मस्त था और रिमझिम मेरे पीठ सहलाते हुए मेरे कमर पर हाथ लगाए शॉर्ट्स को नीचे खिसका कर नग्न करने लगी, आगे अगले भाग में।

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