शॉपिंग के दरम्यान सहवास – Dirty Sex Tales

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दोस्तों
दीपा की उम्र २७ वर्ष तो दो साल का बेटा और हब्बी आर्मी में ऑफिसर, उन्हें तो आफिस के अलावा वक्त कहां मिलता और फिर एक सुबह मुझे दानापुर से पटना जाना था, मैं अपने बारे में बता दूं कि मेरी लंबाई ५ फीट ५ इंच के आसपास होगी तो गोरा मुखड़ा साथ ही छरहरा बदन लेकिन बच्चा पैदा करने के बाद बदन थोड़ा मांसल हो चुका था, मेरी चूचियां बड़ी हो चुकी थी लेकिन उसे शेप में रखने के लिए उसपर क्रीम भी लगाती थी तो मोटी चिकनी जांघो के बीच मेरी लालिमा लिए बुर जिसके ऊपर मैं बार नही रखती थी और नितम्ब तो मानो खरबूजे की फांक हो। घर में एक दाई रहती थी जोकि मेरे बच्चे का देखभाल करती थी साथ ही घर के काम निपटाती थी, एक दिन मुझे दानापुर से पटना शॉपिंग के लिए जाना था तो मैंने सोचा कि वसंत ऋतु में क्यों ना सुबह के ही वक्त शॉपिंग के लिए निकला जाए और फिर मैं स्नान करके नाश्ता की फिर एक कैब बुक कर निकल पड़ी। मैं अपने खूबसूरत जिस्म को टॉप्स और स्कर्ट से ढक रखी थी, तो अंदर ब्रा और पेंटी पहन रखी थी, कंधे में पर्स डालकर हाथ में मोबाइल लिए घर से निकली तो बेटा को खिला पिलाकर निकली थी, टैक्सी में बैठकर पटना के लिए निकली तो सुबह के १०:३० बजे थे और मैं कुछ अंडरगार्मेंट्स और कुछ कपड़े खरीदने के लिए निकली थी, दानापुर से पटना के बेली रोड लगभग एक घंटे में पहुंची फिर उस कैब को छोड़ दी और शॉपिंग मॉल में घुसी। शॉपिंग मॉल के दूसरे मंजिल पर अंडरगार्मेंट्स का। शॉप था तो मैं लिफ्ट में दाखिल हुई और मेरे साथ ही एक २२-२३ साल का लड़का भी लिफ्ट में था तो कुछ और लोग थे, वो लड़का देखने में गोरा और हेंडसम था तो उसका बदन कसरती था और मैं उसे एक दो बार कंखिया के देखी तो वो भी मेरी ओर मुस्कुराते हुए देखा, लिफ्ट से निकल सीधे उस शॉप में घुसी तो पीछे पीछे वो भी अंदर आया और मैं समझ गई की ये मेरे पीछे पड़ चुका है। मैं शॉप में आखिरी छोर की ओर गई जिधर ब्रा और पेंटी हेंगर में टंगे हुए थे, हेंगर से लेटेस्ट फैशन की ब्रा को लेकर देखने लगी तो वो लड़का भी उधर पहुंच गया और वो जानबूझकर पेंटी को हेंगर से निकाल देख रहा था, तभी मैं ३४ सी साइज की चार ब्रा पसंद कर पेंटी के हेंगर की ओर गई तो संयोगवश उसके कोहनी से मेरी बूब्स रगड़ खाए और वो मुस्कुराता हुआ बोला ” सॉरी मैडम
( मैं रुककर बोली ) इधर तो लेडिज अंडरगार्मेंट्स मिलता है तो क्या तुम
( वो हड़बड़ा गया ) हां अपनी गर्लफ्रेंड को बर्थडे में गिफ्ट करना है ” मैं हंसते हुए अपने साइज की पेंटी देखने लगी और वो एक जी स्ट्रिंग पेंटी हेंगर से निकालकर मुझे देते हुए बोला ” ये आपके लिए ठीक है
( मैं शरमाते हुए बोली ) मैं तेरी गर्लफ्रेंड हूं क्या, मैं तो एक बच्चे की मां हूं
( वो मेरे करीब आया ) मेरा नाम सौरभ है और मैं बाहर अपनी गर्लफ्रेंड का इंतजार कर रहा हूं ” वो चला गया तो मुझे लगा की ये लौंडा मेरे जिस्म का दीवाना हो चुका है और शॉपिंग के बाद दो घंटे तक इसके साथ मस्ती कर सकती हूं। मैं अंडरगार्मेंट्स का बिल चुकाई फिर बाहर निकली तो सौरभ वहीं एक बेंच पर बैठा था, मुझे शॉप से निकलते देख उठकर खड़ा हुआ तो मैं जानबूझकर उससे नजर बचाते हुए लिफ्ट की ओर गई लेकिन वो भी मेरे पिछे आया और फिर दोनो लिफ्ट में घुसे तो वो मुझे देख बोला ” जी आपका नाम
( मैं झेंपते हुए बोली ) ईशा शर्मा ” और ज्योंहि लिफ्ट से बाहर निकली, उसे पीछा करते देख रुककर बोली ” सौरभ तुम मुझे फॉलो क्यों कर रहे हो
( वो बेशर्म की तरह बोला ) मुझे आपसे प्यार हो गया है
( मैं हंस दी ) शादीशुदा महिला से प्यार इसका क्या मतलब, खुलकर बोलो
( वो बोला ) मेरे साथ चलिए मैं सब कुछ खुलकर बोलूंगा ” मैं उसके साथ कार पार्किंग गई तो वो एक कार का लॉक खोला और मैं अपने बैग को पीछे सीट पर रखकर उसके साथ अगले सीट पर बैठी और वो ज्योंहि कार स्टार्ट किया मैं पूछी ” कहां ले जा रहे हो
( वो मुझे देख मुस्कुराया ) आप जहां जाना चाहेंगी
( मैं बोली ) दानापुर केंट में रहती हूं वहीं छोड़ दो ” और वो कार को ड्राइव करता हुआ मुझे घूरने लगा और कार बेली रोड से बाहर निकल दानापुर के रास्ते पर ही था। मैं उसको देख पूछी ” सौरभ तुम क्या जॉब करते हो
( वो बोला ) नही फिलहाल मैनेजमेंट कोर्स कर रहा हूं ” और फिर पटना शहर से निकलने के पहले ही वो एक जगह सड़क के किनारे कार को पार्क किया, कार से उतरा तो मेरी नजर एक वाइन शॉप पर पड़ी और वो यकीनन व्हिस्की या बीयर खरीदने उतरा था तो मैं स्कर्ट और टॉप्स पहनकर भी उसको अपने लपेटे में ले चुकी थी, वापस आया और कार स्टार्ट किया लेकिन पटना वूमेंस कॉलेज क्रॉस करते ही गाड़ी को एक कच्ची सड़क पर ले लिया तो मुझे समझ में आ चुका था की इसे मुझसे क्या चाहिए और मैं बोली ” तुम्हारे प्यार का मकसद क्या है सौरभ ” कार निर्जन स्थल पर रोक बोला ” प्यार इजहार करना है मैडम ”
पटना शहर के बाहरी इलाके में निर्जन स्थल पर कार रुकी हुई थी तो मैं कार से बाहर निकली और फिर कार पर हाथ रख खड़ी हुई तो सौरभ मेरे करीब आया फिर मुझे घूरने लगा ” ईशा जी आप बहुत खूबसूरत हैं
( मैं हंस दी ) ओह लेकिन तुम इस निर्जन स्थान पर मुझे क्यों लाए
( वो मेरे करीब आया तो मेरी सांसें थम सी गई ) यहां मैं आपसे प्यार का इजहार करूंगा
( मैंने एक हाथ उसके कंधे पर रख दी ) मुझे सब मालूम है डियर, शादीशुदा महिला के साथ प्यार का मतलब क्या होता है ” और वो बिना देर किए मुझे अपनी बाहों में भर लिया और गाल सहित गर्दन चूमने लगा, मैं दिखावटी विरोध करते हुए उसे पीछे की ओर धकेलने लगी लेकिन वो मुझे अपने मजबूत हाथों से थामे रखा फिर क्या था, मेरी दोनो बूब्स उसके छाती से दबने लगी तो मेरी हाथ उसके पीठ पर थी। ईशा बनकर मैं उसे चूमना शुरु की तो दोनो एक दूसरे से चिपके हुए चुम्बन क्रिया में लिप्त थे फिर मैं उसके गर्दन में हाथ डालकर उसके ओंठ पर ओंठ रखी और चुम्बन दी तो सौरभ मेरे गोल गद्देदार चूतड पर हाथ फेरता हुआ मेरे रसीले ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगा और मेरे स्कर्ट को ऊपर करता हुआ मस्त था।
मैं अब उससे दूरी बनाई फिर पूछी ” क्या तुम ड्रिंक्स लेते हो
( वो हंस दिया ) हां बोतल तो ले लिया है आप साथ देंगी ” मैं सर हिलाकर हामी भर दी फिर वहीं घांस पर बैठ गई तो सौरभ कार से व्हिस्की की बोतल निकाला फिर दोनों आमने सामने बैठकर ड्रिंक्स लेने लगे, ईशा उर्फ दीपा उसके करीब हुई तो सौरभ मेरे मोटे चिकने जांघो पर हाथ रखकर सहलाने लगा और मैं ग्लास रख उसके करीब हुई फिर उसके गोद में ही टांगे फैलाई बैठी। उसके गोद में बैठकर उसके कंधो में हाथ डाले गाल चूमने लगी तो वो मेरे पीठ सहलाता हुआ ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा और फिर मेरी स्कर्ट जोकि कमर तक उठ चुकी थी के कारण उसने मेरे गोल नितम्ब को सहलाने लगा, दोनों एक दूसरे से चिपके हुए चुम्बन में लीन थे तो उसका ओंठ मेरे गाल और ओंठ को प्यार दे रहा था, आखिर में उसने मेरी फूल साइज पेंटी पर से ही योनि को सहलाने लगा और मैं अब उसके मुंह से ओंठ बाहर कर जीभ को ही मुंह में घुसाई और फिर उसके छाती से चिपके हुए उसके हाथ का एहसास चूतड पर पा रही थी।
सौरभ मेरे जीभ चूसता हुआ चूतड पर हाथ फेर रहा था तो मैं उसके छाती से अपनी मुलायम चुचियों को रगड़ रही थी, मेरी दोनों आंखें बंद थी तो सांसे तेज और फिर वो मेरे जीभ मुंह से निकाल मेरे सामने ही घुटनो के बल बैठ गया और मैं कुछ समझ पाती इसके पहले ही वो मेरे लंबे से स्कर्ट को ऊपर करने लगा, दीपा उर्फ ईशा तो बेशर्म औरतों में गिनी जाती रही है और मैं खुद ही स्कर्ट को कमर तक करके टांगे फैलाई और वो मेरे पेंटी पर से ही योनि को सहलाने लगा और मैं काम की ज्वाला में जलते हुए खुद ही पेंटी की हुक खोल डाली। मेरी ओर वो देखता हुआ चूत को चूमने लगा तो मैं दोनों जांघो को फैलाई उसे योनि चूमने को उकसाने लगी ” उह आह ओह चाट चाट साले कुत्ते तेरी बहन की भी बुर इतनी मस्त नही होगी
( वो मेरे बुर को चूमता हुआ चूतड सहला रहा था ) दीदी की बुर तो देखी नही लेकिन मां की मस्त है ” फिर तो मेरे जांघो के बीच चेहरा किए बुर को जीभ से चाटने लगा, में अपनी उंगलियों से बुर फैलाई और एक पैर हवा में की तो सौरभ जीभ को बुर में घुसाए लपालप चाटने लगा और मैं दो पैक व्हिस्की लेकर शॉपिंग के बाद सहवास में मस्त थी, अपना हाथ उसके बाल पर लगाए उसके चेहरे को बुर की ओर करने लगी तो साले की पूरी जीभ मेरे बुर को चाट रही थी और मैं ” आह ओह उई अब खुजली परेशान कर रही है ” और वो जीभ बुर से निकाल उठकर खड़ा हुआ।, अगले भाग में पढ़िए।

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