Bhai ko sudharne ke liye bhai se chud gai – 2

Posted on

भाई ने कई दिनों तक पंखे का जला हुआ तार ठीक नहीं करवाया, और रोज हमारे कमरे में सोने आ जाता और जब सभी लोग सो जाते तब वो मेरा पेटीकोट ऊपर करके मेरी चुत मारता..

4-5 दिनों के बाद मेरी मम्मी ने ही किसी इलेक्ट्रिसियन को बुलाकर तार ठीक करवा दिया और पंखा चालू हो गया…

फिर से भाई अपने कमरे में सोने लगा..

फिर एक दिन मैं मम्मी और मेरी छोटी बहन के साथ किसी रिश्तेदार के यहां किसी फंक्शन में गई थी..

हम लोगों ने खाना खा लिया था और जब रवाना होने लगे तो रिश्तेदारों ने हमें आने ही नहीं दिया और बोले कि आज रात हम वहीँ रुक जाएं..

लेकिन मुझे अगली सुबह किसी काम से जाना था तो मैं वहां रात नहीं रुक सकती थी…

मैंने मम्मी से कहा कि आप लोग यहीं रुक जाओ मैं घर चली जाती हूँ. कल सुबह किसी काम से जाना है मुझे…

फिर मैं अपने घर आ गई. मम्मी और मेरी छोटी बहन वहीँ रुक गए..

मैं घर पहुँच गई और दरवाजा खटखटाया तो मेरी दादी ने दरवाजा खोला…

मेरा भाई अभी भी छत पर था और उस चुड़ैल से फ़ोन पर बातें कर रहा था..

उसकी बातें नीचे तक सुनाई दे रही थी…

मुझे बहुत गुस्सा आया. मेरे इतना करने के बावजूद भी वो उस औरत से अभी तक चिपका हुआ है..

फिर अपने आप को कोसने लगी कि कहीं मैंने गलत तो नहीं कर दिया… भाई को तो ओर भी ज्यादा मजे हो गए थे.. दिन में वो औरत चुदवा लेती थी और रात में वो मेरी चुत मार रहा था…..

फिर मैंने सोचा कि आज तो भाई से बात करके रहूंगी इस बारे में…

लेकिन अगर उससे सीधे बात करने जाउंगी तो वो गुस्सा हो जाएगा…

मैं सही मौके का इंतज़ार करने लगी..

में मेरे कमरे में लेटी हुई थी और दादी बाहर के बरामदे में सो चुकी थी…

रहा को करीबन 1 बजे भाई छत से नीचे आया.. उसे तो पता भी नहीं था कि मम्मी और छोटी बहन घर नहीं आए है सिर्फ मैं अकेली आई हूँ..

वो सीधा अपने कमरे में चला गया..

कुछ देर बाद उसने मम्मी को फ़ोन करके पूछा कि वो आएँगे या नहीं..

तब मम्मी ने उसे बताया कि वो लोग नहीं आ रहे है लेकिन मीना दीदी आ गई है… वो सो गई होगी..

भाई मेरे कमरे में मुझे देखने आया कि मैं आई हूँ या नहीं..

उसने आकर मुझे देखा…. मैं आँखे बंद कर के लेटी हुई थी…

वो आकर बोला – मीना दीदी, आप कब आए? मुझे तो पता ही नहीं चला..

मैंने कहा – तु तो बिजी रह.. तुझे घरवालों से क्या लेना देना है.. कौन आ रहा है? कौन जा रहा है? तु बस चिपका रह फ़ोन से…

उसने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और मेरे पास आकर लेट गया….

मैंने कहा – अब क्यों आया है पास?

वो बोला – अरे मीना दीदी, आप नाराज क्यों हो रहे हो? आज हम अकेले है घर में.. आपकी सारी नाराजगी दूर कर दूंगा…

मैंने कहा – मुझे नहीं करना कुछ भी..

वो बोला – अरे दीदी, ऐसा क्यों कह रहे हो? पहले तो आपने कभी मना नहीं किया… फिर आज क्यों?

मैंने कहा – बस ऐसे ही.. आज मेरा मन नहीं है…

तो उसने मेरे एक बोबे पर हाथ रखा और उसको सहलाते हुए बोला – मन नहीं है तो मैं मन बना लूंगा आपका…

मैंने उसके हाथ को झटकते हुए कहा – मत कर ना यार.. मना किया ना तुझे कि मेरा मन नहीं है..

वो बोला – यार दीदी, मेरा तो मन है… कितने दिनों से हमको मौका नहीं मिला सेक्स करने का.. और आज मौका मिला है तो आप मना कर रहे हो..

मैंने कहा – मेरी एक शर्त है, अगर तु मेरी शर्त मानेगा तो फिर तु सेक्स कर सकता है..

वो बोला – आपकी लेने के लिए तो मुझे हर शर्त मंजूर है..

मैंने उससे पूछा – तेरी गर्लफ्रेंड में ऐसा क्या है जो मुझमे नहीं है? क्या वो मुझसे भी ज्यादा खूबसूरत है?

भाई बोला – नहीं दीदी, आप जितनी खूबसूरत लड़की तो पुरे मोहल्ले में नहीं है..

मैंने पूछा – तो फिर तु उसको इतनी इम्पोर्टेंस क्यों देता है? ऐसा क्या देती है वो तुझे?

वो बोला – वो मुझे सब कुछ देती है, जो आप अभी देने से मना कर रहे हो..

मैंने पूछा – तूने उसके साथ सेक्स किया है?

वो बोला – हाँ किया है..

मैंने पूछा – तूने उसके साथ भी सेक्स किया है और मेरे साथ भी.. सबसे ज्यादा मजा किसके साथ आया तुझे?

वो बोला – मजा तो आपके साथ ही आया दीदी..

मैंने पूछा – मेरे साथ क्यों?

वो बोला – एक तो आप मेरी बड़ी बहन हो, तो सोचकर ही उत्तेजित हो जाता हूँ कि मैं अपनी बड़ी बहन कि चुत चोद रहा हूँ, आप खूबसूरत भी हो और आपकी चुत भी बहुत अच्छी है..

मैंने पूछा – अच्छी कैसे?

वो बोला – अच्छी मतलब एक तो चुत का कलर साफ़ है और एक दम कसी हुई भी है..

मैंने पूछा – उसकी चुत कैसी है?

वो बोला – आपकी जितनी सुन्दर नहीं है. कलर भी गहरा है और ढीली ढाली.. उसके पति ने पता नहीं कैसे जानवरों कि तरह सेक्स किया है उसके साथ.. चुत का भोसड़ा बना के रख दिया…

उसकी ये बात सुनकर मुझे थोड़ा अजीब लगा कि वो मेरे सामने ऐसे शब्द बोल रहा है.. और मुझे अपनी चुत पर घमंड भी हुआ… कि आज भी मेरी चुत मजा देती है…

वो बोला – चलो ना दीदी, करते है सेक्स..

मैंने कहा – पहले मेरी शर्त तो सुन ले..

वो बोला – हाँ बताओ..

मैंने कहा – अगर तुझे मेरी चुत चाहिए तो उस औरत के पास नहीं जाएगा.. मैं नहीं चाहती कि जो लड़का मुझे चोदता है वो किसी दूसरी औरत को भी चोदे.. किसी और कि चुत में गुसा हुआ लण्ड मुझे पसंद नहीं है..

वो बोला – यार, दीदी.. आप सिर्फ सेक्स करवाते हो.. वो तो सब कुछ करती है..

मैंने कहा – सब कुछ क्या करती है?

वो बोला – मैं उसे पूरी नंगी करके चोदता हूँ.. वो मेरा लण्ड मुँह में लेकर चुसती भी है.. और अलग अलग पोजीशन मैं भी चुदवा लेती है, और कभी कभी गांड भी मरवा लेती है…

मैंने कहा – अगर ये सब मैं भी करुँगी तो तु उसके पास नहीं जाएगा? उससे बात करना भी छोड़ देगा?

वो बोला – दीदी, आज तो हम अकेले है तो आप ऐसा बोल रहे हो लेकिन रोज हमें मौका नहीं मिलेगा..

मैंने कहा – अब तु सोच ले, तुझे कभी कभी ही सही लेकिन एक कसी हुई खूबसूरत चुत चोदनी है या फिर हर रोज एक चुदी चुदाई चुत चोदनी है..

वो बोला – दीदी, आप भी तो चुदी चुदाई हो..

मैंने कहा – लेकिन मेरी चुत अभी भी कसी हुई है जैसा तूने बताया…

अब तेरी मर्जी… अगर उसी के पास जाना है तुझे.. तो तु अपने कमरे में चला जा, और आज के बाद भूल जाना कि तु कभी मुझे चोद पाएगा..

वो कुछ सोचते हुए बोला – ठीक है, मुझे आपकी चुत चाहिए.. उसके पास नहीं जाऊँगा मैं…

मैंने कहा- मेरी कसम खा कर बोल..

उसने कहा – दीदी आपकी कसम, उसके पास नहीं जाऊँगा और ना उससे बात करूँगा…

मैं तो एक दम खुश हो गई.. मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था

मैंने भाई के लोअर पर हाथ रख दिया और उसके लण्ड को ऊपर से ही सहलाने लग गई..

भाई ने मेरे बोबे को सहलाना शुरू कर दिया और हम एक दूसरे को चूमने लगे…

मैंने भाई के लोअर में हाथ डाल कर उसका लण्ड पकड़ लिया.. उसका लण्ड एक दम तन्नाया हुआ था…

उसने मुझे किस्स करते करते अपना लोअर और चड्डी निचे कर दी और अपना लण्ड बाहर निकाल दिया जो कि अभी भी मेरे हाथ में ही था…

फिर वो घुटनो के बल बैठ गया और अपना लण्ड मेरे मुँह के पास ले आया…

मैं समझ गई कि वो क्या चाहता है.. इसलिए मैं भी उठ कर बैठ गई और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाया और फिर उसके टॉप पर एक किस्स कर दिया..

फिर उसके लण्ड को जीभ से चाटने लगी.. और फिर मुँह में लेकर चूसने लगी…

वो बोला – ओह्ह्ह.. दीदी, आप कितना मजा देती हो.. कहाँ से सीखी आप ये?

मैंने लण्ड को मुँह से बाहर निकाला और भाई को जवाब दिया – तेरे जीजाजी को भी बहुत पसंद था लण्ड को चुसवाना… तो बस वहीँ से सीख गई..

और फिर से उसका लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी..

तब तक उसने अपनी बनियान भी उतार दी और एक दम नंगा हो गया…

उसका लण्ड इतना लम्बा हो गया कि अगर पूरा मुँह में लूं तो वो गले से भी आगे तक पहुँच रहा था…

उसने मेरे सर को पकड़ा और मेरे मुँह में लण्ड को दबाने लगा.. गला संकरा और चिकना होने कि वजह से उसे गले में धक्के मारने में मजा आ रहा था लेकिन कुछ सेकंड के लिए मेरी सांस रुक गई और खांसी होने लग गई…

तो भाई ने अपना लण्ड बाहर निकाल दिया और मेरे ब्लाउज के हूक खोल कर ब्लाउज को मेरे शरीर से अलग कर दिया और मेरे गले में चूमने लगा और ब्रा में हाथ डालकर मेरे बोबे दबाने लगा..

मैंने उसका लण्ड फिर से पकड़ लिया और उसको हिलाने लगी…

मुझे उसका लण्ड पकड़ने में ही बहुत मजा आ रहा था. क्यों कि वो एक दम कड़क हो रखा था और लम्बा और मोटा था किसी मुसल कि तरह…

उसने मेरी ब्रा भी खोल दी और मेरे बोबे आज़ाद कर दिए..

अब मेरे बोबे उसके सामने एक दम नंगे हो गए थे. निप्पल एक दम कड़क होकर बोबे कि गोलाई पर उठे हुए थे… और बोबे पर गूसबम्प्स आ गए थे…

भाई बोला – दीदी, आपके बूब्स कितने खूबसूरत है.. आज पहली बार मैंने इन्हे नोटिस किया है.. ये कहते हुए वो मेरे बोबों पर टूट पड़ा और उन्हें मसलने लगा…

वो कभी मेरी निप्पल को मुँह में लेकर चूसता तो कभी दांतों से निप्पल काट लेता तो कभी निप्पल को उँगलियों से निचोड़ देता..

मसल मसल कर मेरे बोबे लाल कर दिए…

मुझे दर्द तो हो ही रहा था लेकिन मुझे उसका यह जंगलियों जैसा बर्ताव ओर भी ज्यादा उत्तेजित कर रहा था.. और मेरी चुत टपक पड़ी…

भाई अभी तक मेरी चुत तक तो पंहुचा भी नहीं था सिर्फ ऊपर ऊपर ही मेरे अंगों से खेल रहा था फिर भी उसने मुझे झड़वा दिया,, तो मैं समझ गई कि मेरा भाई चुदाई के मामले में खिलाडी है, उसको अच्छे से पता है कि एक औरत को संतुष्ट कैसे करना है.. और शायद इसीलिए वो औरत भी मेरे भाई से चुदवाने के लिए हमेशा तैयार रहती है..

This content appeared first on new sex story .com

हाँ मेरा भाई मुझे पहले भी कई बार चोद चूका था लेकिन सभी के घर में होने कि वजह से वो इतना खुल कर नहीं चोद पाता था.. मेरे पीछे लेट कर पीछे से मेरी चुत में अपना लण्ड डालकर हिला लेता और झड़ जाता था.. लेकिन आज जो वो कर रहा था, उससे तो लगता था कि ये वो आदमी नहीं है जिसने मुझे पहले चोदा था…

फिर मेरे बोबे सहलाकर और मुझे चूमकर ही वो मेरी चुत झड़वा चूका था…

मैं थक कर पलंग पर लेट गई…

वो मेरी नाभि को चूमने और चाटने लगा, और धीरे धीरे मेरे पेटीकोट का नाडा खोल कर मेरा पेटीकोट एक तरफ फेंक दिया…

मैंने गुलाबी रंग कि पैंटी पहनी हुई थी…

वो कुछ सेकंड तक मुझे ऐसे ही देखता रहा.. शायद उसको मैं पैंटी मैं सेक्सी लग रही थी..

उसने अपनी एक ऊँगली मेरी नाभि पर लगाई और उसे नाभि पर घुमाने लगा.. और नाभि के चारों तरफ अपनी ऊँगली गोल गोल घुमाने लगा.. और फिर मेरी पैंटी के एलास्टिक के अंदर वो ऊँगली डाल कर मेरे पेट पर घुमाने लगा..

उफ्फ,, क्या कर रहा है ये लड़का… मुझे पूरी तरह से चुदास बना दिया उसकी इन हरकतों ने..

मेरे पुरे शरीर पर गूसबम्प्स आना शुरू हो गए और मैं कांपने लग गई..

उसने मेरी जाँघों पर अपनी उंगलिया घूमना शुरू कि और फिर मेरी जाँघों को सहलाने लगा..

जाँघों को सहलाते और चूमते हुए वो मेरे पैरो कि तरफ बढ़ा और मेरे पैर के पंजों तक पहुँच गया..

मेरा एक पैर पकड़ कर ऊपर उठाया और तलवे पर किस्स करके मेरे पैर कि उंगलियों को चूमने लगा और मेरे तलवों को अंगूठे से दबा कर मसाज देने लगा….

मेरा हाल एक दम बुरा हो चूका था.. उसकी गर्म साँसे मेरे पैर कि उंगलियों पर पड़ रही थी जिससे मुझे बहुत सुकून मिल रहा था.. मेरे तन बदन में चुदाई कि आग भभकने लगी…

मेरा मन तो चाह रहा था कि अब वो मुझे चोद दे.. मैं तैयार हूँ चुदने को… लेकिन वो जो कर रहा था वो काफी आरामदेह था और मेरी कामवासना को बढ़ा रहा था इसलिए मैंने उसे रोका नहीं.. वो जो कर रहा था उसी का मजा ले रही थी और बिस्तर पर पड़ी किसी नागिन कि तरह मचल रही थी…

भाई ने मेरा दूसरा पैर अपने हाथो में लिया और उसके साथ भी वैसा ही किया…. उँगलियों को चूमना और तलवे को अंगूठे से दबा कर मसाज देना वगैरह..

फिर उसने मुझे उल्टा घूमने को कहा..

मैं उल्टी होकर लेट गई..

उसने मेरे पैरों को चूमते हुए उनको सहलाना और दबाना शुरू कर दिया… बारी बारी दोनों पैरों कि मालिश कर दी..

मुझे इतना मजा आज से पहले कभी नहीं आया….

उसने मेरी पैंटी को खींच कर खोल दी.. और फिर मेरी जाँघों और मेरी गांड को सहलाकर दबाने लगा…

फिर मेरी कमर और पीठ को सहलाते हुए चूमने लगा..

उसके हाथ मेरी कमर से होते हुए आगे कि तरफ बढ़ने लगे और उसने मेरे बोबे पकड़ लिए…

मैंने अपनी कोहनियों के बल आगे से थोड़ी ऊपर उठ गई ताकि वो सही से मेरे बोबे पकड़ सके..

वो मेरे बोबे दबाने लग गया और मेरी पीठ को चूमते हुए मुझे फिर से सीधी होने को कहा..

मैं फिर से सीधी होकर लेट गई..

अब मेरी चुत उसके सामने एक दम नंगी हो चुकी थी.. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हम दोनों भाई बहन इस तरह एक दूसरे के सामने नंगे हो जाएंगे..

भाई मेरी चुत देखकर बहुत खुश हो रहा था… उसकी आँखों में वो ख़ुशी साफ़ दिख रही थी..

उसने बिना समय गंवाए मेरी चुत पर अपनी उंगलियां रख दी और उसे सहलाने लगा..

फिर वो मेरी टांगों के बीच आ कर बैठ गया और मेरी टाँगे घुटनों से मोड़ दी और चौड़ी कर दी..

फिर दोनों हाथों से मेरी मुड़ी हुई टांगें पकड़ी और मेरी चुत पर अपने होंठ रख दिए…. और बारी बारी से मेरी चुत के दोनों फांकों को चूमने लगा..

मेरी चुत से जो रस निकला था वो अभी भी कुछ बचा हुआ था जो मेरी झांटों में अटका हुआ था.. भाई ने वो भी चाट लिया..

और फिर उसने मेरी चुत के छेद पर अपनी जीभ फेरना शुरू कि….. मेरी पूरी चुत को जीभ से चाटने के बाद उसने जीभ को चुत के अंदर डाल दी..

आअह्हह्ह्ह्ह कितना अच्छा महसूस कर रही थी मैं.. ये शब्दों में बयां नहीं कर सकती….

मैंने भाई का सर पकड़ कर अपनी चुत पर दबा दिया….

भाई अपना सर छुड़ाते हुए पूछा – मजा आ रहा है क्या? मीना दीदी..

मैंने कहा – बहुत..

फिर वो मेरे बगल में लेट गया और लेटे लेटे ही उसने अपनी पोजीशन कुछ इस तरह बनाई कि उसका लण्ड मेरे मुँह के पास आ गया और मेरी चुत उसके मुँह के पास…

शायद इसी को 69 पोजीशन कहते है… लेकिन मैंने पहले ऐसा कभी किया नहीं था.. तो मैं उत्तेजित हो रही थी ये करने को..

मैंने उसका लण्ड पकड़ कर मुँह में ले लिया और वो मेरी चुत को चाटने लगा और मेरी जांघो को भी चूमने चाटने लगा..

ये सब करते करते कब 4 बज गई पता ही नहीं चला… लेकिन जब मेरा घडी पर ध्यान गया तब मैंने उसे रोका.

मैंने कहा अब सिर्फ 1 घंटा ही है हमारे पास.. जो भी करना है जल्दी करना है.. 5 बजे दादी उठ जाएगी..

वो बोला – ठीक है.. आप बताओ आपकी मनपसंद पोजीशन कौनसी है… मैं आपको वैसे ही चोदूँगा..

मैंने कहा – तेरे जीजाजी तो बस मेरे ऊपर लेट कर ही चोदते थे.. तो वही पता है मुझे तो… तु भी वैसे ही कर ले…

वो बोला – अरे दीदी.. वो पुरानी बात है… कुछ नया ट्राय करो आप भी.. आपको मजा आएगा…

मैंने कहा – कैसे…

वो बोला – आप अपना एक पैर इस टेबल पर रखो एक हाथ से दिवार का सहारा लो.

मैंने वैसा ही किया.. मैं खड़ी हो गई और पास में रखी टेबल पर अपना एक पैर रख दिया और एक हाथ से दिवार का सहारा लिया..

भाई मेरे सामने आया और अपना लण्ड मेरी चुत पर रगड़ने लगा…

भाई को काफी जुकना पड़ रहा था क्यों कि मेरी हाइट कम है और भाई कि मुझसे काफी ज्यादा है तो उसका लण्ड मेरी चुत तक पहुँचाने के लिए उसे जुकना पड़ रहा था..

वो बोला.. – दीदी ऐसे तो मेरी कमर अकड़ जाएगी..

आप एक काम करो घोड़ी जैसे बैठ जाओ..

मैं वैसे ही घोड़ी कि तरह अपने हाथ और घुटनो के बल बैठ गई..

फिर वो मेरे पीछे आया और अपने घुटनो के बल बैठ कर मेरी गांड पर अपना लण्ड रगड़ने लग गया..

और फिर मेरी चुत पर अपना लण्ड सेट किया और अंदर धकेलने लगा..

धीरे धीरे उसका लण्ड मेरी चुत कि गहराइयों में उतरने लगा.. और उसका हर एक इंच मेरी चुत ने घुसते हुए मैं महसूस कर पा रही थी… वाकई में बहुत ही तगड़ा लण्ड है भाई का जो मेरी चुत को पूरी रगड़ के साथ भेद रहा था..

उसने मेरी कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और मेरी चुत में झटके मारने लगा..

उसका लण्ड बाहर जाते हुए और अंदर घुसते हुए मानो मुझे जन्नत कि सैर करवा रहा था.. इतना मजा मुझे किसी के साथ चुदने में नहीं आया था..

उसने बहुत देर तक मेरी चुत मारी और फिर मेरी पीठ पर लेट कर मेरे बोबे पकड़ कर मसलने लगा और जोर जोर से चुत में शॉट मारने लगा… और कुछ ही देर में उसने मेरी चुत में अपना माल छोड़ दिया..

मेरी चुत उसके माल से भर गई… और कुछ माल मेरी गांड पर और बिस्तर पर भी गिरा..

उसने अपना लण्ड मेरी चुत से बाहर निकाल दिया… और वहीँ बिस्तर पर चित्त होकर लेट गया..

फिर मैंने उसका लण्ड पकड़ा और मुँह मैं लेकर उसको चूसने लगी…

उसका लण्ड अभी भी माल छोड़ रहा था…

मैंने चूस चूस कर उसका सारा माल निगल लिया और फिर उसके लण्ड को चाट कर साफ़ कर दिया..

कुछ देर तक वो ऐसे ही लेटा रहा.. और मैं भी उसके बगल में लेट गई… फिर हम दोनों उठे और अपने अपने कपडे पहन लिए..

अगले दिन मैं यही सोच रही थी कि मैंने मेरे भाई को उस औरत के चंगुल से बचा लिया और मम्मी को भी अब भाई कि तरफ से कोई टैंशन नहीं रहेगी..

कुछ दिनों तक तो भाई ने उस औरत से बात करना बंद कर दिया… जैसा कि उसने वादा किया था…

लेकिन कुछ दिनों तक उसे मेरी चुत नहीं मिली क्यों कि अब मौका नहीं मिल रहा था.. तो भाई वापस उस लड़की से बात करने लगा…

मैं भी भाई का लण्ड बहुत मिस कर रही थी… जिस तरह से उसने मुझे संतुष्ट किया था… मेरा ध्यान भाई को उस लड़की से दूर करने कि बजाए भाई के द्वारा कि हुई चुदाई पर ज्यादा जाने लगा.. मैं भाई कि दीवानी हो गई…

हर रात यही सोचती कि काश भाई किसी तरह मेरे पास सो जाए और मुझे अपने लण्ड से संतुष्ट कर दे…

उसकी चुदाई के पलों को याद करके गरम हो जाती और मजबूरन मुझे अपनी उंगलियां चुत में डालकर अपनी आग को शांत करनी पड़ती…

खैर आगे देखते है कि क्या होता है..

मुझे फिर से भाई के साथ चुदने का मौका कब मिलता है, इसी के इंतज़ार मैं बैठी हूँ…

धन्यवाद्…….

This story Bhai ko sudharne ke liye bhai se chud gai – 2 appeared first on dirtysextales.com