पिछले भाग में आपलोगों ने पढ़ा कि एक अर्द्ध विक्षिप्त अधेड़ व्यक्ति रामलाल ने हमें, अर्थात रश्मि, हरिया और करीम […]

अग्ले सवेरे दिदी सो कर उठी और चाय बनाकर मुझे भी जगा दी ! मै फ़्रेश होकर बाल्कोनी मे आया […]

मेरी चचेरी बहन रेखा इनदिनो कांनपुर मे थी! हमलोग के परिवार मे पापा, मम्मी और मै राहुल साथ रहा करते […]