Chudai Hormons ka locha hai…

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हैल्लो फ्रेंड्स,

मेरी आखरी कहानी में मैंने आपको बताया था की किस तरह से मैंने किरायेदार रमीला आंटी के नंगे जिस्म के दर्शन किये और उनकी ननद नीरू बुआ की चूत की चुदाई की.

अब तो बुआ की शादी हों चुकी हैं और उनसे वापस कभी मिलना नहीं हों पाया.

कुछ समय तक तो बुआ का नंगा जिस्म मेरी आँखों के सामने घूमता रहता था और मुझे बुआ की चुदाई बहुत याद आती थी..

आंटी से भी मेरा ध्यान हटने लगा था और फिर मैंने आंटी को नहाते हुए देखना भी बंद कर दिया..

उस बात को भी अब काफी समय हों गया था और दिन बीतते गए.

अब मैं आंटी की बेटी की तरफ आकर्षित होने लगा था.. आंटी की बेटी का नाम पूनम हैं..

पूनम अब बड़ी हों गई थी और उसकी उम्र 19 साल हो गई थी.. उसके शरीर का आकार भी बदल चूका था. छातियाँ बड़ी हो गई थी और उसने ब्रा पहनना भी शुरू कर दिया. रंग भी गोरा था और एक दम कोमल बदन हो गया था.. उसकी गांड भी बड़ी बड़ी और गोलाई में थी.. उसके बूब्स भी फ़ूल गए थे और काफी आकर्षित लगने लग गए थे..

उसका शरीर मुझे बहुत आकर्षित करता था..

हम सभी साथ में खेलते थे और मस्ती करते थे, क्यों कि हमें साथ रहते रहते बहुत साल हो गए थे..

मस्ती करते करते मैं कभी उसके ऊपर गिर जाता तो कभी उसके बूब्स को छू लेता था कभी उसकी गांड से मेरा हाथ टकरा जाता. जब उसके ऊपर गिर जाता तो उसकी चूत पर लंड रगड़ने कि कोशिश करता तो कभी पीछे से उससे चिपक जाता और उसकी आँखे बंद करके आँख मिचोली खेलता और उसकी गांड पर भी लंड रगड़ देता..

मस्ती करते करते ये सब हो जाता लेकिन वो भी ये सब मस्ती में ही लेती थी, कभी बुरा नहीं मानती. और मैं उससे बहुत मजाक भी करता था और उसको मजाक मजाक में कुछ भी बोल देता था लेकिन वो बुरा नहीं मानती थी..

पूनम और मेरी उम्र में 6-7 साल का अंतर हैं.. वो अपनी उम्र से भी ज्यादा जवान दिखती थी. उसकी स्कूलिंग पूरी हो गई थी और अब वो कॉलेज में आ गई थी. लेकिन हमारी मस्ती अभी भी बच्चों के जैसी ही थी.

पूनम सुबह 9 बजे कॉलेज जाती और दोपहर में 3 बजे तक वापस आ जाती थी. कॉलेज कि ड्रेस में पूनम बहुत ही हॉट लगती थी क्यों कि उसका फिटिंग काफी टाइट होता था जिससे उसके बूब्स काफी कसे हुए लगते थे और बूब्स कि पूरी गोलाई छाती से बाहर उभरी हुई दिखती थी और उसकी ब्रा का शेप भी बाहर से नज़र आता था..

उसका पजामा भी एक दम टाइट फिटिंग का था जिससे उसकी गांड कि गोलाई और उस पर पैंटी का शेप भी दिखाई देता था..

कुर्ते के साइड कट से उसकी कसी हुई गांड दिखती थी और पैंटी के शेप के साथ पैंटी का रंग भी पता चल सकता था..

पूनम कि पैंटी और ब्रा के साथ भी में खेलने लगा था. पैंटी को सूंघना उसको लंड पर लपेटना और उसके ऊपर मुठ मारना और ब्रा पर भी मुठ मारना, ये सब करने लगा था… पूनम कि पैंटी से भीनी भीनी सी मदहोश कर देने वाली महक आती थी जो शायद उसकी चूत कि होती थी..

ऐसा ही कई दिनों तक चलता रहा और मैं पूनम को चोदने के सपने देखने लगा.. और उसके नंगे बदन कि कल्पना करके मुठ लेता..

मुझे बस मौके कि तलाश थी कि कब मौका मिले और मैं पूनम को नंगी करके उसकी चूत मैं अपना लंड पेल सकूँ..

पूनम के साथ मेरी मस्तियाँ भी बढ़ गई और मैं अब पूनम के जिस्म को हवस भरी नज़रो से देखने लगा था.. लेकिन पूनम इस सब से अनजान थी..

पूनम के रूम में टीवी नहीं था इसलिए वो कभी कभी हमारे रूम में आ जाती थी टीवी देखने..

एक दिन ऐसा ही हुआ था, मैं टीवी देख रहा था और पूनम आई और बोली – क्या कर रहे हो भैया?

मैंने कहा – टीवी देख रहा हूँ, आजा बैठ जा तू भी, तुझे देखनी हो तो.

पूनम भी आकर पलंग पर बैठ गई और टीवी देखने लगी..

उस समय मैं अकेला था घर में, मेरे मम्मी और पूनम कि मम्मी बाहर बैठे बाते कर रहे थे.

मैं टीवी के चैनल बदल बदल कर देख रहा था, कि कुछ ढंग का देखने लायक आ रहा हो तो देखें.

तभी अचानक एक चैनल पर एक रोमांटिक गाना चलने लगा. मैं उसी चैनल पर रुक गया और देखने लगा.. पूनम भी बड़े चाव से वो गाना देख रही थी.

गाने मैं लड़का लड़की के कपडे एक एक करके उतार रहा था और उसे चूम रहा था.. पूनम भी ये देखने लगी और मैं पूनम को देखने लगा, तभी एक दम पूनम कि नज़र मुझ पर पड़ी कि में उसे देख रहा हूँ तो वो शर्मा कर बाहर कि तरफ भाग गई.. और में भी हंसने लगा..

एक दिन कि बात हैं, रात को मेरे भाई और मामा के बच्चे हम सभी छत पर बिस्तर करके सो रहे थे, क्यों कि वो गर्मी का मौसम था और छत पर बड़ी ठंडी हवा चलती थी.

हम सभी बिस्तर कर के लेटे हुए थे और बाते और हसी मजाक कर रहे थे और डरावनी कहानियां भी सुना रहे थे.. तभी छत के गेट बजने कि आवाज आई. और सभी डर गए.. फिर भाई ने पूछा कौन हैं तो आवाज आई भैया मैं हूँ, पूनम.

फिर भैया उठ के गए और दरवाजा खोला और पूनम छत पर आ गई.. और उसके पीछे उसका भाई भी आ गया..

हम सभी लाइन से लेटे हुए थे पास पास में और मैं सबसे लास्ट में लेटा हुआ था और मेरे पास में एक जने के सोने को जगह खाली थी और दूसरे छोर पर मामा का लड़का लेटा हुआ था उसके पास भी जगह खाली थी.

पूनम का भाई बोला कि नीचे तो लाइट चली गई हैं, बहुत गर्मी लग रही थी तो हमने सोचा छत पर जाकर सो जाते हैं..

भैया बोले हाँ हाँ आ जाओ ना, बिस्तर भी हैं एक्स्ट्रा और जगह भी हैं. फिर पूनम का भाई मामा के लड़के के पास सो गया और पूनम मेरे पास आके लेट गई.

उस रात पूनम ने नाड़े वाला शॉर्ट्स और टीशर्ट पहना था.

हम सब लेटे लेटे बाते करने लग गए और बाते करते करते सबको नींद आ गई, सिर्फ मुझे ही नींद नहीं आ रही थी, क्यों कि मेरे पास एक सेक्सी लड़की सो रही थी जिसके जिस्म कि खुशबु से में मदहोश हो रहा था तो नींद आना तो दूर दूर तक पॉसिबल नहीं था.. मुझे तो पूनम के हुस्न को चखना था.. तो मेरे दिमाग में उसके लिए गंदे गंदे विचार आ रहे थे और मन कर रहा था कि उसके साथ ये कर लूं वो कर लूं.

पूनम सीधी होकर लेटी हुई थी और एक पतली सी चादर उसने छाती तक ओढ़ रखी थी.

मैं पूनम कि तरफ मुँह करके लेट गया और पूनम के हुस्न को निहारने लगा.

पूनम के कि चादर उसकी छाती से बूब्स कि वजह से ऊपर उठी हुई थी और फूल रही थी. और जांघो के बिच उसकी चादर चूत पर चिपकी हुई थी इसलिए उसके अंगों का जो शेप बन रहा था वो बहुत उत्तेजित करने वाला था.

मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं उसके बदन को हाथ लगाऊं क्यों कि में डर रहा था कही वो जाग ना जाए.. पर मेरे शरीर में तो हवस कि आग जली हुई थी.. ऐसे समय में तो कोई भी आदमी बड़ी से बड़ी रिस्क लेने को तैयार हो जाता हैं, मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ और मैंने रिस्क लेने का सोचा, जो होगा देखा जाएगा.. और अपना हाथ पूनम कि तरफ बढ़ाया और उसके बूब्स के ऊपर रख दिया.

बूब्स को छूते ही मेरे दिल कि धड़कन तेज हो गई और हाथ भी कांपने लगा.. लेकिन मैंने हाथ हटाने कि बजाए हाथ को बूब्स पर फेरना शुरू किया और हलके हलके से उसको महसूस करने लगा.. फिर मुझे जोश आ गया और मैंने पूनम के बूब्स दबाना शुरू किया जिससे पूनम कि आँख खुल गई और उसने देखा कि मेरा हाथ उसके बूब्स पर था.

मैंने झट से मेरा हाथ हटा लिया और पूनम गुस्से से मुझे देखने लगी और बिना कुछ बोले उठ कर नीचे चली गई.

मेरी गांड फटने लगी कि कही वो अपने पापा मम्मी को ये बात बता ना दे.. और मैं पूरी रात यही सोच सोच कर डरता रहा और नींद भी नहीं निकाल सका..

सुबह हुई और में उठ कर नीचे गया और वहां का माहौल देखा सब कुछ ठीक था.. फिर पूनम के रूम में देखा तो वहां भी सब ठीक था. इसका मतलब पूनम ने किसी को कुछ नहीं बताया था.. अब मेरा डर थोड़ा कम हुआ..

पूनम तैयार होकर कॉलेज चली गई. उसके पापा भी जॉब पर चले गए उसका भाई भी कोचिंग चला गया. घर पर सिर्फ रमीला आंटी थी..

और मेरे घर मैं भी सभी लोग चले गए थे और मैं भी जॉब पर चला गया..

फिर मैं 2.30 बजे लंच करने घर आया तो घर पर कोई नहीं था. ताला लगा हुआ था दरवाजे पर. फिर पड़ौसी ने मुझे मेरे घर कि चाबी दी और मैं अंदर जाके हाथ मुँह धोकर खाना खाने लगा और साथ में टीवी भी देख रहा था.

पड़ौसी ने मुझे बताया कि मेरे घरवाले सिटी कि तरफ गए हैं उन्हें कुछ काम था, और साथ मैं पूनम के घर वाले भी गए हैं..

मैंने खाना खा लिया था और टीवी देखने लगा क्यों कि मेरे वापस जॉब पर जाने में अभी समय बाकि था.. तभी मेरे घर कि डोरबेल बजी..

मैंने जाकर दरवाजा खोला तो देखा कि पूनम थी, वो कॉलेज से आई थी.. कल रात कि हरकत के बाद उसने मुझे कोई रिस्पांस नहीं दिया ना कोई बात कि और सीधा अपने रूम में चली गई..

घर के मुख्य द्वार के पास ही उसका रूम था और उससे आगे आने के बाद मेरा रूम था.

मैंने वहां से गुजरते हुए पूनम को बता दिया कि तेरे घरवाले और मेरे घरवाले सिटी कि तरफ गए हैं और 5-6 बजे तक लौटेंगे..

और मैं वापस अपने रूम में चला गया.. लेकिन मुझे रूम में अच्छा नहीं लग रहा था, क्यों कि मैंने अभी अभी पूनम को उसकी कॉलेज ड्रेस में देखा हैं और उसके कसे हुए बोबे और उसका फिगर मेरी आँखों के सामने आ रहा था..

मैंने सोचा उसको सॉरी बोलने के बहाने उसका बदन ताड़ कर आता हूँ.. और मैं उसके रूम कि तरफ बढ़ने लगा.

मैंने उसके रूम के दरवाजे को थोड़ा सा खोला तो मेरी नज़र उस पर पड़ी. उसका मुँह दूसरी तरफ था और वो कपडे बदल रही थी.. मैं वहीं रुक गया और उसको कपडे बदलते हुए देखने लगा. उसने अपना पजामा तो पहले ही बदल लिया था और शॉर्ट्स पहन लिया था लेकिन अब वो अपना कुर्ता उतार रही थी.

उसने अपना कुर्ता उतारा और फिर समीज उतारा और फिर ब्रा पहने हुए ही सामने पड़े कपड़ों में टीशर्ट ढूंढने लगी.. मैं पीछे से उसकी गोरी गोरी पीठ को देख रहा था. उसकी पीठ पर ब्रा कि काले रंग कि पट्टी उसके जिस्म पर चार चाँद लगा रही थी और बेहद सेक्सी लग रही थी.. फिर उसे उसका टीशर्ट मिल गया और उसने पहन लिया.. फिर मैंने दरवाजा बंद कर दिया और एक मिनट के बाद खोला तो वो मुझे देखने लगी.

मुझसे पूछा – क्या हुआ?

मैंने कहा – कुछ नहीं, तू कल रात कि बात से नाराज़ हैं?

पूनम – आपको देर हो जाएगी, जाओ आप जॉब पर.

मैंने कहा – मेरे अभी देर हैं जॉब जाने मैं, तू बता ना नाराज़ हैं क्या? अगर तुझे बुरा लगा हो तो सॉरी, लेकिन मैं कण्ट्रोल नहीं कर पाया अपने आप को.. आखिर में एक लड़का ही तो हूँ, तो बहक गया था और तू भी तो जवान हैं, तो तुझे मेरे पास देखकर मुझसे रहा नहीं गया.

पूनम – हम लोगे कितने समय से साथ रह रहे हैं अपन कितनी मस्ती करते हैं, पहले तो ऐसा कभी नहीं किया आपने.

मैं – हाँ, पहले किया तो नहीं पर कल पता नहीं क्या हो गया था मुझे, तेरे बारे में गंदे गंदे ख्याल आ रहे थे और मेरा हाथ वहां चला गया.

पूनम – आप मेरे बारे मैं ऐसा सोचते हो?

मैंने कहा – नहीं रे पागल, सिर्फ कल ही ऐसा हुआ.. अब आगे से नहीं होगा.

पूनम – क्या पता? आप वापस ऐसा करो तो?

मैंने कहा – चल छोड़ ना अब, माफ़ कर दे मुझे.

पूनम – अरे. मैं नाराज़ नहीं हूँ आपसे.. बस मुझे थोड़ा बुरा लगा.

मैं – नहीं, तू नाराज़ हैं यार.

पूनम – नहीं हूँ भैया, कैसे यकीन दिलाऊं आपको.

मैंने कहा – चल इधर आ.

वो मेरे पास आई और मैंने उसको पकड़ के गले से दिया, वो थोड़ी आश्चर्य में पड़ गई.

मैंने गले लगा कर बोला कि माफ़ कर दे मुझे.. तो वो भी थोड़ी इमोशनल हो गई. और उसको गले लगाने से मेरा लंड भी करवट बदलने लगा जो पूनम को उसकी चूत पर महसूस हुआ. और फिर मेरा लंड एक दम तन गया और पूनम कि चूत पर रगड़ने लगा.

मेरे लंड का पूनम कि चूत को छूना पूनम को अच्छा लगा. उसने लम्बी सांस ली और महसूस करने लगी लेकिन तभी उसने मुझे अलग किया और दूर हो गई मुझसे.

मैंने कहा – क्या हुआ पूनम?

पूनम – कुछ नहीं. ( और वो थोड़ा घबरा गई )

मैंने कहा – देखा ना तूने? मैंने कुछ नहीं किया लेकिन ये जब तेरे पास आया तो कैसे बर्ताव कर रहा था.. मैं मेरे लंड कि तरफ इशारा करते हुए बोला..

फिर मैंने कहा अब इसमें मेरी क्या गलती हैं, लेकिन तू मेरे बारे में गलत ही सोचेगी.. ये सब हार्मोन कि वजह से होता हैं.. ये बोलते बोलते मैं थोड़ा इमोशनल सा मुँह बनाने लगा..

पूनम – अरे कोई बात नहीं, मैं बुरा नहीं मान रही हूँ. अपने सॉरी फील करने के लिए मुझे गले से लगाया तो अच्छा लगा मुझे आपका अपनापन..

मैंने कहा – लेकिन तूने तो धक्का दे दिया ना मुझे. जैसे में जान बूझकर कुछ कर रहा था..

पूनम – अरे सॉरी भैया.

और ये कहकर पूनम ने मुझे वापस गले से लगा लिया और बोली अब ठीक हैं ना..?

मैंने भी पूनम को अपनी बाहों में झकड़ लिया.

पूनम – अरे भैया, ये बहुत टाइट हैं.. मेरी कमर तोड़ोगे क्या.. और वो स्माइल करने लगी

मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था और पूनम फिर से मेरे लंड का करवट बदलना अपनी चूत पर महसूस कर रही थी लेकिन इस बार वो कुछ नहीं बोली.

अब मेरा लंड एक दम तन गया था और पूनम कि चूत पर टकरा रहा था और पूनम को भी अच्छा लग रहा था.

मैंने पूनम को जोर से दबाया हुआ था. उसके बूब्स मेरे सीने पर दबे हुए थे और उसकी ब्रा मेरे सीने पर चुभ रही थी लेकिन मैंने उसको दबाया हुआ था..

मैं धीरे धीरे अपनी गांड हिला कर लंड को पूनम कि चूत पर रगड़ने लगा और पूनम आँखे बंद कर के मेरे सीने से लिपटी हुई थी.. और अपनी चूत पर मेरे लंड को महसूस कर के लम्बी लम्बी साँसे लेने लगी..

मैं समझ गया कि लोहा गरम हो गया हैं अब हथोड़ा मार देना ही बेहतर हैं..

मैं कुछ करता उससे पहले ही पूनम ने अपना एक हाथ नीचे किया और मेरा लंड सहलाने लगी..

अब मैं आश्चर्य भरी निगाहों से पूनम को देखने लगा.. और बोला – पूनम, ये क्या हैं?

पूनम धीमी आवाज में बोली – आपने ही तो बोला हार्मोन ये सब करवाते हैं.. मुझमे भी फीमेल होर्मोन हैं.. और वो मेरे लंड को सहलाये जा रही थी.

मुझे अब पूनम कि तरफ से भी हरी झंडी मिल गई थी.. और मैंने पूनम का मुँह पकड़ कर उसके होंठ पर मेरे होंठ रख दिए और उनको चूमने लगा.. और पूनम भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों एक दूसरे में खो कर एक दूसरे को चूमने लगे..

फिर मेरी नज़र घडी पर गई और मैंने देखा कि मेरा जॉब का टाइम हो गया हैं. मैंने पूनम को बोला कि मेरा टाइम हो गया हैं जाना पड़ेगा..

पूनम – ठीक हैं, जाओ..

फिर मैं उसके रूम से बाहर जाने लगा तभी उसने पीछे से आवाज दी – सुनो

मैंने पीछे मुड़ कर देखा और पूछा – क्या हुआ? बोल.

पूनम – अभी जाना जरुरी हैं क्या? थोड़ी देर बाद चले जाना.

मैं समझ गया कि आज तो पूनम अपनी चूत चुदवा कर ही रहेगी, और में इसी दिन का इंतज़ार कर रहा था.. और वैसे मैं जाने वाला भी नहीं था, में सिर्फ पूनम का रिएक्शन देखना चाहता था, और हुआ वही जो मैं चाहता था..

मैंने पूनम कि तड़प को और जानने के लिए उससे कहा कि – लेकिन अभी हमारे घरवाले आ जाएंगे. रुक कर क्या करूँगा मैं..

पूनम – नहीं आएँगे. मम्मी ने मुझे कॉल कर के बता दिया था कि वो शाम को लेट आएँगे.. मेरे हिसाब से तो हमारे पास अभी 2 घंटे पड़े हैं.

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ये सुनकर मैं पूनम कि तरफ बढ़ा और उसको पकड़ कर चूमने लगा और पूनम ने मेरा लंड सहलाना शुरू कर दिया..

मैंने भी पूनम को चूमते चूमते उसकी चूत पर हाथ रख दिया और उसको सहलाने लगा… हम दोनों एक दूसरे के अंगो को सहला रहे थे.

मेरे लंड को सहलाते सहलाते पूनम में मेरी जीन्स कि ज़िप खोल दी और लंड को बाहर निकाल लिया..

मेरा लंड एक दम तना हुआ था और आगे से थोड़ा गीला भी हो गया था.. पूनम मेरे लंड पर अपना हाथ फेरने लगी और फिर अपना हाथ मेरी ज़िप में डाल कर मेरे टट्टे भी सहलाने लगी और उनको भी ज़िप से बाहर निकाल दिया.. मैं पूनम के होंठो का रस पी रहा था और उसके मुँह में जीभ डालकर उसके मुँह का स्वाद ले रहा था और पूनम मेरी जीभ को चूस रही थी..

पूनम कि गरम गरम साँसे उसकी नाक से निकल रही थी और मेरे गालों पर गिर पड़ रही थी जो बहुत ही उत्तेजक लग रही थी..

अब पूनम धीरे धीरे नीचे झुकने लगी और मेरे गले मैं और मेरे सीने पर चूमने लगी और फिर मेरे लंड तक आ गई..

अब मेरे लंड को पकड़ कर लंड के चारो तरफ किस्स करने लगी और फिर मेरे लंड कि चमड़ी पीछे कर के मेरे सुपाडे पर भी किस्स कर दिया.. और फिर जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी..

लंड को चारों तरफ से चाट चाट कर उसने गीला कर दिया और फिर सामने से सुपाडे को चाटने लगी.. और फिर उसको हिलाने लगी..

मैं खड़ा था और वो मेरे पैरों में घुटनो के बल बैठ कर मेरा लंड हिला रही थी और हिलाते हिलाते उसने मेरा लंड अपने मुँह मैं ले लिया..

जैसे ही मेरा लंड उसके मुँह में गया मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया.

अब वो मेरे लंड को मुँह से हिला हिला कर चूस रही थी और चाट रही थी. उसको ऐसा करते देख मुझे लग रहा था कि ये बहुत बड़ी चुड़क्कड़ होगी.. कॉलेज मैं जरूर इसका कोई ना कोई बॉयफ्रेंड होगा जिससे इसने लंड को इतना अच्छे से चूसना सिखाया.. लेकिन मुझे क्या,, मुझे तो सिर्फ उसकी चूत में अपना लंड डाल कर उसकी रसीली चूत में अपना माल निकालने से मतलब हैं..

वो मेरा लंड बहुत अच्छे से चूस रही थी.. उसके मुँह में भी काफी गर्मी थी और उसका मुँह चिकनाई से भरा हुआ था जो मेरे लंड को भी चिकना बना रही थी.. और उसके नाक से गरम गरम साँसे निकल रही थी जो मेरे पेट पर पड़ रही थी.. ये साड़ी फीलिंग मुझे सातवे आसमान पर ले जा रही थी..

मैंने पूनम के बाल पकड़ लिए और पूनम का सर आगे पीछे करने लगा और उसके मुँह में धक्के मारने लगा.. मेरा लंड पूनम के गले तक जाने लगा और उसको सांस लेने में भी थोड़ी प्रॉब्लम होने लगी लेकिन मैं जोर जोर से उसके मुँह मैं झटके मार रहा था और फिर मैं उसके मुँह मैं ही झड़ गया.. और मैंने उसके मुँह को मेरे माल से भर दिया..

पूनम ने उस माल को अपने गले में उतार दिया और फिर से मेरे लंड को मुँह में लेकर हिलाकर चूसने लगी. मेरा लंड झटके ले लेकर उसके मुँह में वीर्य निकालने लगा.. अब मेरे पैर ऐंठने लगे और मेरे लंड से वीर्य कि आखरी बूँद भी पूनम ने चूस कर निकाल ली..

अब पूनम उठी और वाशरूम चली गई और अपना मुँह धोने लगी.. और मैंने अपने लंड को अंदर डाला और पानी पीकर पलंग पर बैठ गया…

पूनम वापस आई और उसने भी पानी पिया और मेरे पास बैठ गई.. और मुझे किस्स करने लगी..

लेकिन में अभी अभी झड़ा था इसलिए में थोड़ा थका सा लग रहा था..

पूनम ने मेरे शर्ट के बटन खोल दिए और शर्ट को खोल कर साइड में रख दिया.. फिर मेरा बनियान भी खोल कर मेरे सीने पर किस्स करने लगी और मेरे निप्पल पर किस्स करने लगी और निप्पल को चाटने लगी..

किस्स करते करते वो निचे कि तरफ गई और मेरे पेट पर किस्स करने लगी और मेरी नाभि को चाटने लगी..

थोड़ी देर में मैं भी गरम हो गया..

पूनम ने मेरी जीन्स का बटन खोल कर ज़िप खोल दी और मेरी चड्डी के ऊपर हाथ रख कर लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी..

मैं वापस जोश में आने लगा और पूनम का टीशर्ट खोल दिया और उसके गले मैं चूमने लगा फिर उसके क्लीवेज पर किस्स करने लगा और उसका एक बोबा ब्रा के ऊपर से ही पकड़ लिया और उसको दबाने लगा.. और उसके गले में किस्स करने लगा जिससे पूनम मदहोश हो रही थी और उसने अपनी आँखे बंद कर ली..

अब पूनम ने मेरी तरफ पीठ कर ली.. फिर मैंने उसके कंधे पर किस्स किया और फिर उसकी कमर को चूमने लगा और कमर को चूमते चूमते मैंने ब्रा का हुक खोल दिया..

ब्रा उसके कंधो पर अटक गई और मैं उसकी पीठ सहलाने लगा..

फिर मैंने मेरे पैर खोल दिए और पूनम को अपने पैरो के बीच में ले लिया और उसके कंधे पर चूमते हुए उसकी ब्रा खोल कर साइड में रख दी और उसके बोबे पकड़ कर मसलने लगा..

पूनम तड़पने लगी और मुँह से सिसकारियां भरने लगी.. और मैं उसके बोबे जोर जोर से दबाने लगा और उसके निप्पल को भी निचोड़ने लगा..

पूनम के निप्पल कड़क हो गए थे और उसकी साँसे भी बढ़ गई थी.. मैंने मेरा एक हाथ पूनम के शॉर्ट्स में डाल कर उसकी पैंटी में डाल दिया और उसकी चूत पर रख दिया..

पूनम कि चूत गीली हो रही थी और बहुत चिकनी हो रही थी.. उसकी चूत पर झांट का एक भी बाल नहीं था..

मैं आँखे बंद कर के एक हाथ से उसकी चूत सहलाने लगा और एक हाथ से उसके बोबे मसलने लगा..

पूनम मछली कि तरह मेरी बाहों में तड़प रही थी और गांड को हिला हिला कर उसकी चूत मेरे हाथ पर दबा रही थी.. फिर मैंने पूनम को मेरी तरफ घुमा दिया और उसके जिस्म को देखने लगा..

पूनम के बोबे देख कर तो ऐसा लगा जैसे किसी अप्सरा के हुस्न को देख रहा हूँ.. एक दम गोल गोल खरबुझे जितने बड़े और एक दम कसे हुए थे, बिलकुल भी लटक नहीं रहे थे और एक दम गोर गोर दूध के जैसे चमक रहे थे और ब्रा के निशान बने हुए थे बूब्स पर और उनके ऊपर गहरे भूरे रंग के कड़क हुए निप्पल उभर रहे थे..

मैंने उसके दोनों बोबे पकड़ लिए और उन पर बारी बारी किस्स किया और फिर उनको मुँह में ले लिया..

बारी बारी से मैं दोनों बूब्स को चाट रहा था और उसके निप्पल को चूस रहा था.. और उसे दांत से काट भी रहा था..

पूनम बोली – भैया काटो मत,

लेकिन मैं कहाँ सुनने वाला था उसकी.. मैं तो उसके आम को चूस चूस कर उसका रस पीने में लगा था..

फिर मैंने पूनम को पलंग पर लेटने को कहा..

वो पलंग पर लेट गई और मैंने अपनी जीन्स खोल दी और चड्डी में आकर पलंग पर चढ़ गया..

फिर मैं पूनम के पेट पर चूमने लगा और चाटने लगा और धीरे धीरे निचे बढ़ने लगा और उसकी नाभि में जीभ डाल दी और चाटने लगा.. और फिर उसका शॉर्ट्स नीचे खींच लिया और खोल कर साइड में रख दिया.. और फिर उसकी गोरी गोरी मांसल जांघो को चूमने लगा और चाटने लगा..

जाँघों को चूमते चाटते मैं ऊपर बढ़ रहा था और उसकी पैंटी तक आ गया और उसकी पैंटी कि किनारे को चूमने लगा.. और फिर मैं उसकी लो वेस्ट को चूमने लगा और फिर उसकी पैंटी पर चूमने चूमते उसकी चूत तक आ गया..

उसकी पैंटी वहां से भीगी हुई थी और चिकनी हो रही थी.. मैंने वहां पर किस्स किया और फिर चाटने लगा… पूनम ने अपने बोबे दबा दिए और उनको मसलने लगी और छटपटाने लगी..

फिर मैंने उसकी पैंटी खोल दी और उसकी चूत देखने लगा..

ओह माई गॉड… क्या चूत थी पूनम कि..

मुझे पता नहीं था कि पूनम अपनी जांघो के बीच में इतनी खूबसूरत और सेक्सी चीज़ लेकर घूमती हैं और वो इतने सालो से मेरे आस पास ही थी लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि वो इतनी सेक्सी होगी..

उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था.. और चूत का रंग भी साफ़ था.. उसकी दोनों फांके किसी नाजुक फूल कि पत्तियों कि तरह आपस में चिपकी हुई थी और फूली हुई थी.. दोनों पंखुड़ियों के बिच में एक पतली सी दरार थी जो चूत के रस से भीगी हुई थी और चमक रही थी.. भगवान् ने पूनम के हर एक अंग को बड़े अच्छे से तराश कर बनाया होगा वार्ना वो इतने खूबसूरत नहीं होते..

मैंने पूनम कि तरफ देखा और बोला – यार पूनम, इतने दिनों से तूने तेरी चूत को कहाँ छुपा रखा था, कितनी खूबसूरत हैं, मैं तो फ़िदा हो गया तेरी चूत पर और ये कहते ही मैंने पूनम के दोनों पैर उठा कर मेरे कंधे पर रख दिए और उसकी चूत को किस्स कर दिया.. जैसे ही मेरे होंठ पूनम के निचे वाले होंठो पर पड़े पूनम के मुँह से स्स्स्सस्शह्ह्ह्हह्ह कि आवाज निकल गई..

फिर मैं पूनम कि चूत के चारों तरफ चाट रहा था तो उसके बारीक़ बारीक़ बाल मेरी जीभ पर चुभ रहे थे जिससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था..

फिर मैं चूत कि पंखुड़ियों को चाटने लगा जिससे पूनम तेज तेज साँसे ले रही थी और अपने बूब्स मसल रही थी.. और मैंने चूत कि दरार पर अपनी जीभ लगाई जिससे उसकी फांके थोड़ी दूर हो गई और दरार थोड़ी खुल गई और मेरी जीभ पर उसकी चूत का चिकना रस लग गया और जब मैंने जीभ वापस हटाई तो चूत का रस एक तार कि तरह खींच कर बाहर आ गया..

फिर मैंने उसकी चूत कि फांको को दूर किया और चूत के अंदर वाला गुलाबी हिस्सा चाटने लगा.. उसकी चूत का स्वाद बहुत ही मदहोश करने वाला था. पूनम ने मेरा सर उसकी चूत पर दबा दिया और उसकी चूत को हिला हिला कर मचलने लगी और सिसकारियां भरने लगी..

फिर मैंने उसकी चूत में एक ऊँगली डाल दी और उसको अंदर बाहर करने लगा और फिर दूसरी ऊँगली डाल दी और अंदर बाहर करने लगा.. ऊँगली निकाल कर मैंने उसकी चूत में जीभ डाल दी और अंदर बाहर करने लगा..

अब तो पूनम पागल ही हो गई थी और मुँह से जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी और गांड उठा उठा कर पलंग पर पटक रही थी..

अब मैं उठा और मेरी चड्डी खोल के रख दी और पूनम कि चूत पर मेरा लंड टिका कर उसके ऊपर लेट गया और लंड को रगड़ने लगा..

पूनम ने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत पर रगड़ने लगी और फिर अपनी चूत के छेद पर टिका कर छोड़ दिया.. फिर मैंने पूनम को कंधो से पकड़ा और जोर से उसकी चूत में झटका मारा. पूनम कि चीख निकल गई आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.. मेरा लंड पूनम कि कमसिन चूत को चीरते हुए उसके अंदर समा गया.

फिर मैंने लंड वापस बाहर निकाला और फिर से उसकी चूत मैं झटका मारा.. एक बार फिर पूनम चिल्लाई… मेरा लंड पूरा उसकी चूत मैं उतर गया…

अब मैं लंड को अंदर बाहर करने लगा और पूनम को चोदने लगा और पूनम भी अपनी चूत हिला कर मेरा लंड चूत कि गहराइयों में ले रही थी..

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और पूनम को पलटने को बोला.. वो पलट कर लेट गई.. तो मैंने उसको कमर से पकड़ कर ऊपर उठा लिया और उसको कुतिया बना दिया.. फिर मैंने अपना लंड उसको चूत पर टिका कर थोड़ा अंदर गुसा दिया और उसकी कमर पकड़ कर जोर से धक्का मारा और लंड उसकी चूत में रगड़ता हुआ अंदर तक घुस गया..

अब मैं पूनम कि कमर पकड़ कर लंड को अंदर बाहर करके उसको चोद रहा था और वो भी अपनी गांड हिला हिला कर अपनी चूत चुदवा रही थी.. उसके बोबे हवा में झूल रहे थे और हर झटके के साथ वो भी ऊपर निचे हो रहे थे. फिर मैंने उसके बोबे पकड़ लिए और उनको दबा दबा कर पूनम को चोदने लगा..

पूनम आआआअह्हह्ह्ह्ह आआआआहहहहहहह आआअह्ह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह भैया ओह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह भैया आह्ह्हह्ह्ह्ह चोदो और चोदो आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मा मेरी चूत आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बोल बोल कर सिसकारियां भर रही थी और गांड हिला हिला कर चुदवा रही थी..

फिर मैं पलंग से नीचे उतर गया और पूनम को भी उतरने को बोला..

वो भी निचे आ गई… फिर मैंने उसको पकड़ के दिवार से सटा लिया और उसका एक पैर ऊपर कर के मेरे हाथ पे रख दिया और मेरा हाथ दिवार पर रख दिया फिर उसकी चूत पर लंड रगड़ कर अंदर गुसा दिया और चोदने लगा..

चोदते चोदते मैं उसके होठ को चूमने लगा और उसकी चूत को पेले जा रहा था…

थोड़ी देर चुदाई के बाद मेरा लंड झड़ने वाला था तो में रुक गया और लंड बाहर निकाल दिया…

फिर पूनम घुटनो पर बैठ गई और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी और चूसते चूसते मेरा माल उसके मुँह में निकाल दिया.. और मेरा लंड उसके मुँह में झटके खाने लगा… पूनम सारा माल घटक गई और फिर में पलंग पर बैठ गया..

फिर हम दोनों ने कपडे पहन लिए और पूनम वाशरूम चली गई.. और मुँह धो कर वापस आ गई..

फिर हम दोनों बाते करने लग गए..

मैंने उससे कहा – तेरा जिस्म बहुत खूबसूरत हैं पूनम.. तू पहले तो बुरा मान रही थी और फिर तूने अपनी चूत भी दे दी मुझे..

वो कुछ नहीं बोली

मैंने कहा – अब में जाओ क्या?

वो बोली – थोड़ी देर और रुको ना.. मैं अकेली क्या करुँगी. घरवाले आ जाए फिर चले जाना.

मैंने कहा – ठीक हैं..

फिर उसने चाय बनाई और हम दोनों चाय पीते पीते बाते करने लग गए.

बात बात में नीरू बुआ कि बात निकली और मैंने पूछा कि अब कहाँ हैं नीरू बुआ..

वो बोली – वो तो अपने ससुराल हैं. क्यों पूछ रहे हो आप?

मैंने कहा – बस याद आ गई उनकी.

वो बोली – क्यों याद आई?

मैंने कहा – तेरी बुआ कि चूत से भी ज्यादा खूबसूरत हैं तेरी चूत..

वो आश्चर्य चकित हो गई और बोली – आपने कब देख ली बुआ कि,?

मैंने कहा – मैंने देखी ही नहीं चोद भी रखी ह तेरी बुआ कि चूत..

और फिर मैंने उसको बुआ कि चुदाई के बारे में सब बता दिया…

फिर मैंने उसको बोला कि मुझे एक औरत कि चूत और लेनी हैं जो कई सालो से नहीं ले सका में.

वो बोली – कौन?

मैंने कहा – तेरी मम्मी..

ये सुनकर उसकी आँखे बड़ी बड़ी हो गई..

फिर मैंने उसकी मम्मी के बारे मैं भी बताया कि किस तरह से मैं उसकी माँ के जिस्म को नहाते हुए निहारता रहता था..

पूनम कुछ नहीं बोली, उसको पता नहीं चल रहा था कि वो क्या रियेक्ट करे मेरी इस बात पर…

और कुछ ही देर मैं हमारे घरवाले आ गए और मैं मेरे रूम में चला गया और जॉब से छुट्टी ही ले ली.. 2 बार पूनम के मुँह में झड़ के मैं काफी थक गया था इसलिए मुझे नींद आ गई..

उस दिन के बाद मैं पूनम से काफी खुल गया था और जब भी मौका मिलता तब मैं पूनम कि चुदाई करता था..

बाहर वाला कमरा मेरे लिए बहुत लकी था क्यों कि उस कमरे में मैं 3 लड़कियों कि चूत चोद चूका था..

अब तो आंटी यहाँ से रूम खाली करके चली गई और आंटी कि चूत लेने का मेरा सपना सपना ही रह गया… और पूनम कि चूत मिलना भी बंद हो गई..

तो दोस्तों ये थी मेरे किरायेदार कि बेटी कि कहानी…

पढ़कर लंड और चूत सहलाने से पहले कमेंट जरूर करे और बताये आपको कैसी लगी..

धन्यवाद्

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