Institute me manager ne maa ko choda : Chudasi maa 9

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हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब मैं करता हूं कि आप सब लोग, उम्मीद करता हूँ एकदम अच्छे होंगे। तो मै पेश करता हूं आप लोगों के सामने एक नई कहानी।

मैंने काफी समय से मेरी मां के बारे में कोई कहानी नहीं लिखी है मेरे पास कई मेल आए मा की कहानी जानने के बारे, में तो मैं अब आगे की कहानी आपको बताता हूं।

जैसा कि मैंने आपको मेरी पिछली कहानी में अंत में बताया था कि कैसे मेरी मां ने कपिल, रमीज़ और आवेश के लंड से अपनी प्यास बुझाई थी। मगर अब मोहल्ले में मेरी मां के खिलाफ आवाज उठने लगी थी, मेरी मां को लेकर तरह तरीके की बातें की जाती थी। जिसे अब मेरे पिताजी भी तंग आ चुके थे और उन्होंने दूसरे प्रदेश में ट्रांसफर करने का फैसला लिया। अब हम लोग दूसरे शहर आ चुके थे।

Doston ne kiya maa ka gangbang : Part 2 : Chudasi maa 8

क्योंकि अब हमें बड़े शहर में आ गए थे इसलिए सिर्फ एक इंसान के खर्चे से घर चलाना मुश्किल हो रहा था। मेरी मां ने मेरे पापा से कहा क्यों ना वह भी एक जॉब कर ले। पापा मान गए और मेरी मां जॉब तलाशने लगी।

मेरी मां को एक इंस्टिट्यूशन में जॉब मिल गया था। वहां पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया जाता था और बच्चों को एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज ( फुटबॉल, कब्बडी क्रिकेट इत्यदि ) दी जाती थी।

क्योंकि मां अब एक नई जगह पर आ गई थी और उसकी हवस अब दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही थी। वहां पर इंस्टिट्यूट में मौजूद कई सारे बच्चे अब मेरी मां पर गलत नजर रखे हुए थे। मेरी उस इंस्टिट्यूशन के चपरासी से दोस्ती हो गई थी वह नहीं जानता था कि मैं उनका ही लड़का हूं और वह मेरे सामने मेरी मां के बारे में बहुत गंदी गंदी बातें किया करता था।

1 दिन ऐसा हुआ कि इंस्टिट्यूशन के अंदर एक मीटिंग रखी गई थी सिर्फ टीचरों के लिए। मेरी मां उस दिन ब्लैक कलर की साड़ी पहन कर गई थी, उसके नीचे उसने डीप नेक ब्लाउज पहन रखा था। रोड पर सब लोग मेरी मां को ही घूर रहे थे। खैर मीटिंग 7:00 बजे से शुरू हुई मैं भी इंस्टिट्यूट के बाहर आ गया देखने के लिए कि आज क्या होने वाला है।

धीरे-धीरे एक-एक करके टीचर इंस्टिट्यूशन से बाहर जाने लगे अब अंत में सिर्फ इंस्टिट्यूशन का हेड यानी की संजीव और मेरी मां ही रह गए थे। अब संजीव ने चपरासी को कुछ पैसे दिए और चपरासी ने इंस्टिट्यूट के बाहर शटर को गिरा दिया और दर्द लाइट बंद कर दिया। और मैंने अब उस चौकीदार से पूछा अंदर क्या हो रहा है, तब उसने मुझे बताया कि “आज जिस रंडी के बारे में मैं तुमसे बात करता था न! उसकी चुदाई होने वाली है!!! चलो पीछे गेट से देखते हैं।”

अब चपरासी और मैं पीछे के गेट पे चले गए और वहां से सारा नजारा देखने लगे अंदर का नजारा एकदम शानदार था। संजीव एक कुर्सी पर बैठा था और मेरी मां के सामने अपने जिस्म को दिखा रही थी और नाच नाच कर संजीव के लंड को खड़ा कर रही थी।

संजीव : और सुहासिनी डार्लिंग तुम्हारा यह बदन देख कर ही मैंने तुम्हें नौकरी पर रखा था और आखिरकार वह दिन आ ही गया, जब तुम्हे चोदने की तम्मना पूरी होगी।

मा : मैंने आपसे कहा था ना कि आप बस मुझे एक बार नौकरी पर रख कर देखिए, मैं आपको कभी निराश नहीं करूंगी

कहकर मेरी मां अपने घुटने पर आ गई और संजीव के पैंट को खोलने लगी।

अब संजीव ने भी अपने हाथ से मेरी मां के पल्लू को गिरा दिया और मेरी मां के बूब्स को उनके ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा। अब मा ने संजीव की पेंट को निकाल दिया और उसका 7 इंच लंबा लंड मां की आंखों के सामने आ गया। तब संजीव ने एक पल भी ना गवाते हुए सीधा अपना लंड मेरी मां के मुंह में डाल दिया और अपने हाथों को मां के सर पर रख कर अपने लंड पर दबाने लगा और मेरी मां के मुंह के अंदर झटके मारने लगा।

मां घू घू की आवाज कर रही थी। संजीव मां के बूब्स को भी लगातार दबा रहा था।

अब मेरी मां ने संजीव के लंड को मुह से निकाला। उसका लंड थूक में पूरी तरीके से सरोबार हो चुका था और ट्यूबलाइट की रोशनी में थूक से सना हुआ लंड चमक रहा था। अब मेरी मां ने उसके अंडों को चाटना भी शुरू किया और धीरे-धीरे अब संजीव का पूरा आंड मां के थूक में सन चुका था।

अब मां वापस अपने पर पैरों पर खड़ी हुई और अपने कपड़े निकालने लगी, संजीव भी अब अपने कपड़े निकालने लगा।

अब मा सिर्फ अपने वाइट कलर की ब्रा और रेट कलर की पेंटी में आ गई थी। अब संजीव मेरी मां के पीछे आया और उसने मां के ब्रा को खोल कर उसको साइड में फेक दिया। अब मां के बड़े-बड़े टाइट बूब्स आज़ाद हो गए जिन्हें संजीव अपने दोनों हाथों में भर लेना चाह रहा था और वह मेरी मां के बूब्स को दबा रहा था।

मां के मुंह से सिसकारियां निकल रही थी राजीव नंगा था और अपने लंड को मेरी मां की गांड पर लगा रहा था।

संजीव ने बहुत देर तक मां के बूब्स को दबाता रहा,

अब संजीव ने मां को अपनी और घुमाया और उनके होठों का रसपान करने लगा। मा भी अपने हाथों से संजीव के लन्ड को पकड़ा और उसे आगे पीछे करने लगी।

अब संजीव खुद अपने घुटनों पर आया और मां का एक पैर को कुर्सी पर रख दिया और दूसरा पैर जमीन पर था, अब मां की चूत संजीव की आंखों के सामने आ गई और तुरंत उसने अपनी जीभ से मां की चूत को चटना शुरू कर दिया।

उसने अपनी जीभ को मां की चूत के अंदर डाल दिया था और वह जीव को लगातार घुमाता रहा। तब मेरी मां बहुत गर्म हो गई थी और जोर-जोर से आवाजें निकाल रही थी, साथ में वह संजीव के सर को अपनी चूत में लगा रही थी।

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संजीव ने अपनी दो उंगलियां मां की चूत में डाली और अंदर बाहर करने लगा तब मां की चूत बहुत गर्म हो गई और थोड़ी देर में ही पानी छोड़ दिया।

संजीव मा का सारा माल पी लिया था और कहा साली तेरा माल तो बहुत स्वादिष्ट है, चल तू ऐसे ही रह, अब मैं तेरी चूत में लंड डालता हूं।

मेरी मां ने कहा ठीक है

अब संजीव ने उसी पोजीशन में अपने लंड को भी मां की चूत में सेट किया और हल्का से धक्के से उसका आधा लंड मां की चूत में गप्प करके घुस गया।

मां थोड़ी सी छिटक गई, संजीव ने मेरी मां की कमर को पकड़ा और अपने एक और धक्के से पूरा लंड मां की चूत में घुसा दिया अब मां की एक जोर से चीख निकली और संजीव ने मेरी मां को किस किया।

अब संजीव मेरी मां की चूत में नीचे से लंड पेले जा रहा था और मेरी मां की मादक सिसकारियां बढ़ती जा रही थी। संजीव का लंड नीचे मां की चूत में पूरा घुसता और पूरा निकलता। इस तरीके से संजीव मेरी मां की चूत को चोद रहा था और माँ जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी।

“हां और ज़ोर से करिए…… और ज़ोर से करिए..

संजीव जोश में आ गया और वह और ज़ोर से मेरी मां को चोदने लगा। मां उसकी गांड को अपनी चूत की ओर खींच रही थी। अब मां कहने लगी मैं झड़ने वाली हूं।

राजीव ने धक्के और तेज कर दिए और अब माँ उसके लंड पर ही झड़ गई।

अब संजीव खुद कुर्सी पर बैठ गया और मेरी मां उसके सीने की तरफ अपने सीने को कर के उसके लंड को अपनी चूत में ले लिया और उसके लंड पर उठक बैठक करने लगी। वह भी मेरी मां की गांड में लगातार चांटे मार रहा था।

मां आहें भर भर के उसके लंड पर उछल कूद कर रही थी और वह भी अपने दोनों हाथों से मेरी मां की गांड अपने लंड पर पटक रहा था। अब उसने मेरी मां को दोनों हाथों से पकड़ा और अपने सीने की तरफ लिटा कर उसकी चूत में एकाएक धक्के मारने शुरू किये।

मेरी माँ की और ज़ोर से चीखने की आवाज आ रही थी। थोड़ी देर में अब संजीव बोला मैं झड़ने वाला हूं, कहां माल गिराऊं?

तब मेरी मां उसके लंड से अलग हुई और वापस अपने घुटनों के बल बैठकर संजीव का लंड अपने मुंह में ले लिया।

संजीव ने अपना सारा माल मेरी मां के मुंह में ही झाड़ दिया और अब वह कुर्सी पर निढाल हो गया मेरी मां अब संजीव की गोद में बैठ कर उसके बदन के साथ खेलने लगी।

अब एक बार फिर से संजीव और मेरी मां का चुम्मा चाटी शुरू हो गया और देखते ही देखते हैं थोड़ी देर में संजीव के लंड से एक बार फिर से जान आ गई।

अब उसने मेरी मां को बोला चलो तुम घोड़ी बन जाओ।

अब मेरी मां ने अपने दोनों हाथ कुर्सी पर रखें और गांड का पिछला हिस्सा संजीव की तरफ किया, अब संजीव ने अपने लंड पर थूक मला और अपना लंड मेरी मां की चूत के मुहाने पर रख दिया।

संजीव के एक ही धक्के में उसका पूरा लंड मां की चूत में समा गया। मां की जोर से चीख निकल गई हाय राम इतनी तेज क्यों कर दिया, सारा लंड एक बार में ही डाल दिया…. मैं तो मर गई हुन।

लेकिन अब संजीव ने अपने दोनों हाथों से मा की कमर को पकड़ा और बुलेट ट्रेन की रफ्तार से अपनी कमर को चलाने लगा। मां के पास संभालने का भी समय नहीं था, मां की चूत को संजीव अब अपने लंड से ताबड़तोड़ चोद रहा था।

माँ हहह हहहहह कर रही थी और संजीव का लंड मां की गांड से घिसडता हुआ उसकी चूत के छेद में घुस रहा था, जिसकी वजह से ठक ठक की आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा था।

अब संजीव ने अपने लंड को निकाला और जमीन पर बैठ गया और अपने ऊपर मां को भी लेटा लिया। अब संजीव ने मां को हॉर्स राइडिंग पोजीशन में चोदने लगा। उसने मां की जांघों को पकड़ा और उसकी गांड उठाकर अपने लंड को उसकी चूत पर दे दना दन मारने लगा।

मेरी मां के उछलते कूदते बूब्स को देखकर वह उत्तेजित हो रहा था और बीच-बीच में वह उनको दवा भी रहा था और थोड़ी देर बाद एक बार फिर संजीव झड़ने वाला था। अब उसने लन्ड निकाला और मां की गांड पर ही सारा माल झाड़ दिया। मा अब उसके सीने पर सर रखकर सोने लगी।

मैं तो अपनी मां की चुदाई देखने में इतना मशगूल हो गया था कि मैं मैंने यह नोट नहीं किया कि चपरासी अपने लंड को हिला रहा था और दूसरे हाथ से फोन में वह दोनों की चुदाई की रिकॉर्डिंग भी कर रहा था।

मैंने बोला कि तुम इस रिकॉर्डिंग का क्या करोगे तो उसने बोला कि मैं इस रंडी को ब्लैकमेल करके चोद दूंगा।

उसने मुझसे पूछा क्या तुम भी उसको चोदोगे।

तो मैंने उसे मना कर दिया लेकिन उससे यह बोला कि जब भी तुम उसको चोदोगे तो, तो तुम मुझे उसकी कहानी बताना या फिर मुझे भी बुला लेना। मैं देखकर ही मजा कर लूंगा।

उसने कहा ठीक है।

तो यह कहानियां पर खत्म होती है क्या कि लगी आपको यह कहानी आप मुझे नीचे मेल आईडी में बता सकते हैं

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