जिस्म की गर्मी : भाग १२

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दीपा पिछले ६-७ साल से अपने जवानी का आनंद ले रही थी, शादी तो हुए महज चार साल हुए लेकिन अपनी सहेलियों की संगत साथ ही पोर्न मूवी देखने की आदत ने मुझे वक्त से पहले ही जवान बना दिया और फिर तो शादी के बाद चूदाई का लाइसेंस ही मिल जाता है भले यहां की औरतें अपनी काम इच्छाओं को दबाए पतिव्रता स्त्री के रूप में जीवन जी लेती हैं लेकिन एक बार गैर मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाते वक्त बुरा लग सकता है लेकिन बार बार गैरों के संग हमबिस्तर होने के बाद मजा ही आने लगता है, निखिल के साथ गेस्ट हाउस में मजे ले रही थी, दोनो व्हिस्की पीते हुए एक दूसरे के गुप्तांगों को सहला रहे थे तो दूसरा ड्रिंक्स बनते ही मैं उसे बोली ” अब वक्त बिना बर्बाद किए सामने बैठ और ( इशारे से बुर दिखाई ) ” तो वो थोड़ा सा ड्रिंक्स लिया फिर मेरे सामने बैठा और मैं सोफा के किनारे पर चूतड किए जांघें फैला दी तो मेरी बुर रानी चमक रही थी, बिना बाल की बुर तो मोटी मोटी दोनो फांकें साथ ही बुर का मुहाना थोड़ा फैला हुआ, निखिल मेरे बुर पर थोड़ा सा व्हिस्की गिराया फिर जीभ से चाटने लगा तो मैं किसी महारानी की तरह पैर फैलाए बैठी थी, निखिल बुर को दास की तरह चाटने लगा फिर वो शेष व्हिस्की पी लिया। मैं दो पैक पीकर मस्त हो चुकी थी तो दोनो पैर हवा में उठाए बुर चटवाने लगी और निखिल मेरे बुर को उंगलियों से फैलाकर जीभ से चाटने लगा, कोमल चिकनी भग्नाशा पर जीभ फेरता हुआ मेरे बूब्स दबाने लगा तो मैं उसके कंधे पर पैर रख निश्चिंत हुए टांगें चिहारे बुर चटवा रही थी ” ओह निखिल चाट चाट कुत्ते बीबी की तरह चाटेगा तो सब कुछ दे दूंगी ओह मेरी बुर की खुजली
( वो जीभ निकाल बोला ) तेरी बुर में अनगिनत लन्ड घुस चुका है साली तो तू वैश्या है की बीबी ” वो बुर मे दो उंगली घुसाए रगड़ता हुआ मेरी जांघों को चूम रहा था और मैं उसके बाल सहलाने लगी साथ ही उसके हाथ का एहसास अपने चूची पर पा रही थी, मेरी जांघों को चूम लिया फिर मेरे सामने से उठ खड़ा हुआ और अब दीपा उसके लन्ड चूसकर उसका वीर्य पीने को आतुर थी। दोनो बेड पर आ गए तो मैं उसको लेटने को बोली फिर उसके कमर के पास बैठकर लन्ड सहलाते हुए पूछी ” तुम क्या विवेक के जूनियर हो या कोई और
( वो मुस्कुराया ) आप सर से पूछ लीजिए ” तो मैं लन्ड का चमड़ा नीचे किए चूमने लगी, लन्ड ६ इंच लंबा और दो इंच मोटा था जिसको चूमते हुए उसके सुपाड़ा को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगी, निखिल अपना हाथ बढ़ाए मेरी बूब्स पकड़े दबाए जा रहा था तो मेरी बुर रस नही छोड़ी थी इसलिए उसके लन्ड को मुंह में लिए चुभलाने लगी लेकिन अपना जिस्म उसके विपरीत दिशा में कर दी ताकि मेरे गोल नितम्ब उसके करीब हों और ज्योंहि मैं लन्ड को मुंह में लिए सर का झटका देने लगी निखिल मेरी चूत में उंगली घुसाए रगड़ने लगा, तेजी से सर का झटका देता हुआ मुख पृष्ठ कर रही थी की मेरी योनि से रस चूने लगा और वो उंगली से रगड़ता हुआ फिर भी मस्त था, मेरे मुंह से लार टपकने लगा तो मैं मुंह से लन्ड निकाल कर पीछे देखी और वो बुर का रस उंगली में लगाकर चाट रहा था, मैं झट से उसके मुंह के ऊपर ही टांग फैलाए बैठ गई और अपनी उंगली से चूत फैलाए बोली ” ले अब चाट कुत्ते मजा आयेगा ” तो वो मेरे कमर में हाथ डाले चेहरा थोड़ा ऊपर किए जीभ से चूत चाटने लगा और कुछ देर बाद मैं उसके मुंह के ऊपर से उठी तो वो चोदने को तैयार था लेकिन पहले मूतने के लिए वाशरूम चला गया तो मैं टॉवेल से बुर को सिर्फ पोंछ ली और बेड पर नंगे ही लेट गई, निखिल उधर से आया फिर मुझे लेटा देखकर पूछा ” क्या इसी पोजिशन में चूदाई करवाना है
( मैं बोली ) तुम जिस पोजिशन में चाहो मैं तैयार हूं ” और निखिल बेड पर बैठकर मुझे गोद में आने को बोला, मैं जांघें फैलाई और उसके लन्ड के ऊपर चूत किए उसके कंधे पर हाथ रख गोद में थी, निखिल सुपाड़ा सहित थोड़ा सा लन्ड चूत मे घुसाया फिर मेरी कमर पकड़े नीचे से जबरदस्त धक्का दे दिया और उसका लौड़ा मेरी बुर निगल चुकी थी लेकिन थोड़ा सा दर्द हुआ तो मैं ” उह आउच ” बोल पड़ी फिर मैं उससे लिपटे अपने चूतड को उछालना शुरू की तो लन्ड सीधे बुर के अंदर बाहर होने लगा, इस आसन में मुझे चुदवाना पसंद था तो मैं उसके बदन में बाहें डाले चूतड उछाल उछाल कर चूदाई का मजा ले रही थी, आज दिन भर दो दो लौंडे के साथ सेक्स की और यहां रेस्ट करने की सोची लेकिन खुला दरवाजा में एक अनजान मर्द का प्रवेश वो भी जब ड्रेस बदल रही थी और परिणाम मस्त निकला, अब मैं चूतड स्थिर किए उसके बदन से लिपट कर थी लेकिन वो मुझे बेहिसाब चोद रहा था ” उफ आह अब लहरने लगी थोड़ा ब्रेक दो फिर पेलना ” तो मैं निखिल के बदन से उठी फिर सीधे वाशरूम चली गई, छर छर कर मूतने लगी तो देखी की निखिल भी अंदर आ चुका था, मैं उठकर बुर को पानी से साफ की और वो खड़े खड़े मूतने लगा ” बेबी क्यों न एक साथ स्नान करते हुए सेक्स का एंड करें
( मैं बोली ) तो मुझे क्या एतराज डियर ” और मैं झरना खोलकर उसके नीचे खड़े खड़े स्नान कर रही थी तो निखिल भी मेरे पास आया, पीछे से मुझे पकड़कर मेरे गर्दन और गाल चूमता हुआ मेरे गुदाज चूतड पर लन्ड धंसाने लगा तो मैं उसकी बाहों को झटक कर उसकी ओर मुड़ी फिर उससे लिपटकर उसके ओंठ चूमने लगी ” अब खड़े खड़े डालता हूं साली
( मैं उसके पीठ पर चिकोटी काट ली ) जरूर ये ले मेरी पैर थामकर रख फिर खुद से बुर में लन्ड ना घुसाऊं तो ” और इतने में उसके हाथ में मेरा एक पैर था तो मैं उसके मूसल लन्ड थामकर अपने बुर में घुसाने लगी, बुर तो साली दिन भर ड्यूटी कर रही थी और आधा लन्ड घुसा की वो मेरे एक पैर पकड़े धकाधक चोदे जा रहा था, पूरा लन्ड बुर के भग्नाशा को ठोकर मारता हुआ मजा दे रहा था और मैं उससे लिपटे उसके गाल चूमने लगी ” गोद में ले लो ना प्लीज फिर चोदना ” ये कहकर उसके गर्दन में दोनो हाथ डालकर उसके बदन से झूल गई तो वो खड़े खड़े मुझे गोद में लिया हुआ था और मैं उसके बदन से वैसे ही लिपटी हुई थी जैसे की चंदन की लकड़ी से अजगर और उसे बोली ” तुम सिर्फ मुझे कसकर पकड़े खड़े रहो फिर देखना मजा ” और मैं अपने चूतड को ऊपर नीचे करते हुए लन्ड से खुद चुदवाने लगी तो मेरे दोनो गोरे मुलायम बूब्स उसकी छाती से रगड़ खा कर लाल हो चुके थे, चूतड को नीचे ऊपर करते हुए मजा आने लगा तो वो अब मेरे कमर पर हाथ लगाए खुद ही लन्ड का धक्का बुर में देता हुआ चोदने लगा और पल भर बाद मेरी बुर वीर्य से लबालब हो गई फिर उसके बदन से उतरकर उसके सामने झुकी और लन्ड मुंह में लिए वीर्य का स्वाद चख ली, दोनो साथ में स्नान किए फिर वो जल्दी में कपड़ा पहना और रूम से निकल गया तो दीपा किसी राण्ड की तरह नंगे बेड पर लेट गई।

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