मां और बेटी दोनों को रिझाया : भाग १८

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दोस्तों,
किसी ने सच ही कहा है की जवानी को यों ही बर्बाद करना मूर्खता है तो राहुल आपको मां और बेटी की सच्ची कहानी बताएगा, ना तो कोई भावनात्मक जुड़ाव और ना तो एक ही मुहल्ले के बस महज ये संयोग था की मैं एक शाम मां और बेटी को उनके घर के ही पास टहलते देखा तो कहिए उसकी बेटी दीपाली को अपने जाल में फंसाने के लिए मेहनत करना पड़ा जबकि उसकी मॉम परमजीत रंधावा ने मुझे मजबूर किया उसके साथ सेक्स करने के लिए लेकिन वो मुझसे मजा के एवज में पैसा दिया करती थी, भले ही उनकी उम्र ४० वर्ष से अधिक था लेकिन अपने बदन को चुस्त रखी थी साथ ही तन को काफी सलीके से रखा करती थीं, ना तो कांख में बालो का निशान था और ना ही चूत पर साथ ही बिस्तर पर ओरल सेक्स देने और लेने में काफी मजा देती थी जबकि मैं राहुल मुस्किल से २४ साल का था दूसरी ओर उसकी बेटी दीपाली २१ साल की खूबसूरत कुड़ी, दोनो को संतुष्ट करने में ही मेरा कॉलेज का वक्त निकल जाता था और एक शाम मुझे परमजीत का कॉल आया, संयोगवश मैं अपनी छोटी बहन शीतल के साथ बैठकर कॉफी पी रहा था, कॉल को बिना रिशिभ किए ही काट डाला तो शीतल बोली ” क्या भाई किसका कॉल था की तुम मेरे सामने बात नही किए
( मैं मुस्कुराया ) कोई प्रचार था बहन ” कुछ देर के बाद घर का सामान लेने निकला तो परमजीत ऊर्फ डिंपल को कॉल किया ” गुड इवनिंग मैडम
( वो बोली ) एक तो मेरा कॉल रिशीभ नही किए खैर आज रात मेरे साथ रूक सकते हो
( मैं बोला ) लेकिन घर में क्या बहाना बनाऊंगा मैडम
( वो बोली ) अरे कुछ भी बोल देना दरअसल दीपाली और उसके डैड बाहर गए हुए हैं ” बात खत्म हुई फिर मैं घर का सामान लाकर दिया और मां से बोला ” अभी मुझे जाना होगा, विवेक की मम्मी अस्पताल में है
( मां बोली ) ठीक है लेकिन वापस जल्दी आ जाना
( मैं ) वो तो वहां के स्थिति पर है ” फिर घर से निकला और बाइक से स्वरूप नगर तकरीबन ०७:०० बजे शाम को पहुंचा, वैसे भी डॉक्टर के यहां का गार्ड मुझे पहचान चुका था फिर भी मैडम में गेट के बाहर से ही कॉल किया ” हां राहुल आ रहा है
( मैं ) आपके घर के सामने खड़ा हूं
( वो ) तो अंदर आ जा, कोई रोक रहा है क्या ” फिर मैं डॉक्टर के आलीशान बंगला में घुसा, उनके डाइनिंग हॉल में प्रवेश करने से पहले ही बरामदे पर मुझे एक औरत मिली और बोली ” आप यहीं बैठिए, मैडम आ रही हैं ” मुझे पता था की ऊपर के कमरे में ही दोनो सेक्स का आनंद उठाते हैं और ऊपर चढ़ने की सीढ़ी यही पर है, मैं कुछ देर बैठा रहा फिर वो नौकरानी आई ” जी मेरे साथ आइए ” और उसके साथ मैं फर्स्ट फ्लोर पर गायब, उसी रूम में मुझे बिठाई फिर चली गई, मैं अपना जूता खोला और कुर्सी पर बैठा हुआ डिंपल का इंतजार कर रहा था और वो आई तो उन्हे देख उठकर खड़ा हुआ, एक नाईट गाऊन तन पर डाले अपने जिस्म को ढकी हुई थीं और दरवाजा को बंद करते हुए बोली ” तो क्या व्हिस्की या वाइन
( मैं मुस्कुराया ) जो आप पियेंगी ” फिर वो एक अल्मीरा से वाइन की बोतल निकाली तो शायद ये इनके घर का गेस्ट हाउस था, मुझे देख बोली ” जाकर फ्रेश हो लो ” मैं अपने शर्ट और पैंट उतारकर खूंटी में टांग दिया फिर कमर से टॉवेल लपेटे वाशरूम जाकर हाथ मुंह धो लिया, बाहर आया तो परमजीत ऊर्फ डिंपल सोफा पर सिर्फ एक लिंगेरी पहनकर बैठी हुई थी, ब्लू रंग की ड्रेस वो भी जालीदार तो उनके खुबसूरत बदन का निखार दिख रहा था, उनके जांघ नंगे ही थे तो वो पैर पर पैर चढ़ाए बैठी हुई ड्रिंक्स बना रही थी। मैं उनके बगल में बैठ गया फिर वहीं पड़े सिगरेट के पैकेट से सिगरेट निकाल सुलगाए फुंकने लगा तो डिंपल मेरी ओर देखकर बोली ” रात भर, यानी ट्वेंटी ट्वेंटी मैच नही खेलना है
( मैं उनके कंधे में हाथ डाले ) टेस्ट मैच क्यों जानू ” फिर उसके चेहरे को चूम लिया, ग्लास में ड्रिंक्स पड़ा हुआ था तो दोनो ग्लास उठाए वाइन का आनंद लेने लगे और वो मेरे टॉवेल पर से ही लन्ड को टटोलने लगी ” महीनों बाद तुम्हें कॉल की
( मैं ) हां थोड़ा व्यस्त था
( वो मेरे टॉवेल को कमर से हटाए चढ्ढी पर से लन्ड सहलाने लगी ) सो क्या अपनी बहन को ब्याहना है
( मैं ग्लास रखकर उनकी चूची को पकड़ दबाने लगा ) उसमें थोड़ी देरी है ” तो परमजीत की दोनो चूचियां उस ड्रेस में दिख रही थी यहां तक कि ऊपरी हिस्सा उफान लेता हुआ बाहर निकलने को तैयार था, मैं उसके चूची को छोड़ दुबारा ड्रिंक्स बनाने लगा तो डिंपल बोली ” कभी मुझे भी याद कर लिया करो, लगता है मेरे से मन भर गया है ” और मैं चुपी साधे उनके गोल गोल बूब्स को दबाते हुए ड्रिंक्स बनाया फिर दोनो ड्रिंक्स लेने लगे, डिंपल की मोटी नंगी जांघें मुझे आकर्षित कर रही थी और मेरा एक हाथ कभी उनकी जांघों को सहलाता तो कभी बूब्स को दबाता, ज्योंहि ड्रिंक्स खत्म हुआ वो मेरे से लिपट गई और मेरे चेहरे को चूमने लगी तो मेरा हाथ उनके पीठ पर फिसल रहा था सिर्फ कंधे पर ड्रेस की स्ट्रिप्स थी बाकी पीठ तो नंगा ही था। राहुल अब डिंपल को अपने गोद में बिठाया तो उसकी गोल गुंबदाकार गांड़ मेरे जांघों पर थी, मेरे कंधे में बाहें डाले वो मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगी तो मैं चुम्बन क्रिया करते हुए उसके पीठ से गर्दन तक को सहला रहा था और फिर उसकी लालिमा लिए ओंठ को मुंह में भर चूसने लगा तो डिंपल की बाईं स्तन मेरे छाती से चिपकी हुई थी, लंबाई ५ फीट ५ इंच होगा तो नयन नख्श सुंदर और सरदारन वाली बदन बिलकुल ही हॉट तो ये ऐश मौज करते हुए अपनी ढलती जवानी का मजा ले रही थी, वो मेरे मुंह से ओंठ निकाल मेरे कंधे पर सर रखते हुए बोली ” आज रात में डबल पेनेट्रेशन क्या दे पाओगे
( मैं उसके ड्रेस के स्ट्रेप्स को कंधे से नीचे करते हुए बोला ) जरूर तेरी चूत हो या गांड़ आज जमकर पेलूंगा ” और उसके बदन से ड्रेस उतार नंगा कर दिया, वो बेशर्म औरत की तरह सोफा पर टांगे चिहारे बैठी थी तो मैं उनके बगल में बैठकर उनके बूब्स पकड़ दबाने लगा, चूचियां बड़ी बड़ी तो उसपर काले लम्बे निपल्स, अब उनको इशारे से बेड पर जाने को बोला तो वो बोली ” अपने कपड़े तो उतार लो ” मैं झट से चढ्ढी और बनियान उतार दिया फिर नंगे दोनो बेड पर थे।
डिंपल लेटी थी तो मैं उसके चेहरे को चूमता हुआ बूब्स पकड़े दबाए जा रहा था और फिर उनके ओंठ पर चुम्बन देते हुए मुंह खोला तो समझदार चुद्दक्कड औरत अपने जीभ मेरे मुंह में डाल दी तो मेरा चेहरा उनके चेहरे पर था और जीभ चूसता हुआ उनके हाथ का एहसास लन्ड पर पाया, जीभ चूसना और चूचियां तो बुर चाटना औरतें कामुक हो ही जाती है वैसे भी ये औरत तो मुझे पैसे देकर प्ले बॉय बना चुकी थी, कुछ देर के बाद जीभ छोड़ा और फिर चूची को पकड़ा, अगले भाग में आगे की बाते।

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