ट्रेन में आर्मी के जवान संग सेक्स : भाग-२

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डियर फ्रेंडस,
प्रथम वातानुकूलित के अपने कूप में मैं नंगी होकर प्रीत के साथ ओरल सेक्स का आनंद ले रही थी तो उसने मेरी चूत चाट चाट कर गर्म कर दिया तो साले का लंड काफी कड़ा था और यकीनन उसे मुंह में लेकर मजा आ गया तो अब वो मेरे बूब्स को पकड़ दबाता हुआ बोला ” अब थोड़ा दूध पी लूं फिर अंदर पेलूंगा
( मैं उसके मूसल लंड को सहलाने लगी ) तेरा औजार बहुत कड़ा और मोटा है ” फिर मुझे बर्थ पर लिटाकर प्रीत मेरे उपर सवार हो गया तो मेरी चूची के ऊपर चेहरा किए मुंह खोला और मैं उसकी मॉम की तरह उसे चूची पीने को दे दी तो वो चूची चूसता हुआ मस्त था, इतने में मेरे कमर से टकराता हुआ उसका लंड चुदाई को तैयार था तो मैं अब कामुकता वश सिसकने लगी ” उह ओह आह प्लीज़ चोद दे मुझे मेरी बुर में इतनी गुदगुदी कभी नहीं हुई थी
( वो मेरी चूची मुंह से निकाल ) बेबी अभी दिल्ली पहुंचने में काफी देरी है, आराम से एंजॉय कर ना ” मैं भी तो यही चाहती थी फिर मैं उसके मुंह में अपनी दूसरी चूची डालकर चुस्वाने लगी और बुर की खुजली से परेशान होकर अपने जांघों को आपस में रगड़ रही थी, मेरी चूची चूसने के बाद प्रीत उठा और अपने बैग से एक शॉर्ट्स निकाल पहन लिया तो मैं अपने बर्थ पर नंगे ही लेट गई और ज्योंहि वो कूप का दरवाजा खोला, मैं चादर से अपने तन को ढक लेटी रही। ट्रेन तेज रफ्तार से चल रही थी तो रात के ०१:५० हो रहे थे वैसे भी सुबह सुबह दिल्ली पहुंचकर अपने फ्लैट पर जाना और ढेर सारा काम लेकिन पहले तो गैर मर्द के साथ चुदाई, तभी प्रीत आया तो मैं भी फ्रेश होने की सोचने लगी तो सिर्फ टॉप्स और स्कर्ट पहन ली तो ब्रा और पेंटी नहीं पहनी फिर वाशरूम जाकर फ्रेश हुई और वापस कूप में आकर गेट लगा दी।
प्रीत मुझे देख खड़ा हुआ फिर मेरे टॉप्स को गले से बाहर कर स्कर्ट पर हाथ लगाया तो मैं भी उसके शॉर्ट्स को नीचे कर उसे नंगा कर दी और फिर दोनों एक दूसरे से लिपटकर एक दूसरे को चूमने लगे तो प्रीत मेरी चूतड को सहलाने लगा और पल भर में ही मैं अपने एक पैर बर्थ पर रख जांघें फैलाए चुदाने को तड़प रही थी तो प्रीत अपना लंड पकड़े मेरी चूत में सुपाड़ा घुसाने लगा और उसका गोल मांस्ल सुपाड़ा मेरी चूत में ज्योंहि घुसा, वो मेरे कमर को पकड़े नीचे से जोर का धक्का बुर में दे दिया ” उई मां मजा आ गया ” और फिर प्रीत दुबारा धक्का देकर मुझे चोदने लगा तो दोनों की कमर आपस में टकरा रही थी और खड़े खड़े चुदाई का मज़ा लेते हुए मैं उसके चेहरे को चूमने लगी तो प्रीत का लंड मेरी चूत को चोद चोद कर मस्त कर रहा था और दीपा उससे लिपट गई तो उसकी तेज चुदाई के दरम्यान ही लंड चूत से बाहर आ गया और अब मैं बेशरम लड़की की तरह कूप के गेट की ओर चेहरा किए खड़ी हुई तो चोपाया जानवर की तरह होकर खड़ी थी। प्रीत मेरी चूतड के सामने खड़ा हुआ फिर मेरी जांघों को फैलाकर बुर में लंड पेलने लगा, उसका लंड आराम से मेरी चूत में घुसा फिर वो मेरी कमर पकड़े चोदने लगा तो मैं भी चुदाई में उस्ताद थी अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाई का आनंद दुना करने लगी और प्रीत संग सेक्स का आनंद मुझे चरम पर पहुंचा रहा था तो उसकी एक हाथ मेरे बूब्स पकड़ दबाने लगा ” उह ओह चोद चोद साले अब तो दिल्ली में भी तू मुझे चोदेगा
( वो गपागप लंड पेलता हुआ ) जरूर साली तेरे फ्लैट पर आकर ही तुझे चोदूंगा ” तो मेरी चूत लगातार ३-४ मिनट तक लंड के धक्के से गर्म हो चुकी थी लेकिन सच पूछो तो फिलहाल उसके लंड का वीर्य बुर को नहीं चाहिए था और दोनों चुदाई में मस्त थे तो वो चोदता हुआ हांफने लगा ” ओह उह बेबी तू शादीशुदा नहीं होती तो तेरे से ही शादी करता
( मैं चूतड स्थिर किए चेहरा पीछे की ) अच्छा यानी मेरे नग्न जिस्म को देख मुझे पसंद करते चोदु ” तो प्रीत का लंड मेरी चूत में मानो लोहे की रॉड हो और वो चोदे जा रहा था लेकिन कुछ देर बाद उसके लंड से वीर्य की गर्म धार निकल पड़ी और मेरी चूत उसे पीकर मस्त हो उठी, फिर मैं फ्रेश हुई और आराम से बर्थ पर सो गई, सुबह दोनों एक दूसरे को अपना अपना मोबाइल नम्बर दिए और अलविदा कहे।

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