मेरी छोटी मौसी – Dirty Sex Tales

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मेरी मम्मी की छोटी बहन स्नेहा 32 साल की शादी शुदा औरत है, वो अपने परिवार के साथ मिर्जापुर मे रह्ती है ! बात 2-3 साल पहले कि है जब मेरी मौसी कानपुर घुमने आयी थी, साथ मे उनका बेटा भी था, शाम के 6:00 बजे उनको बस स्टैंड़ से लेकर आया, मेरे साथ बाइक पर वो बैठी थी जबकी उनका बेटा मेरे और अपनी मम्मी के बिच मे था! घर आने के बाद मेरी मम्मी ने उनको चाय पीने को दिया और फ़िर वो फ़्रेश होने बाथरूम चली गयी, स्नेहा देखने मे ठिक-ठाक थी लेकिन इसका शारिरिक संरचना काफ़ी लुभावना था ! साड़ी साया पहनकर मस्त माल लग रही थी, दोनो भोंपु ब्लाउज मे कैद थे और पर्वत श्रेणी की तरह उनका उभार था, जबकि उनके पेट का हिस्सा थोड़ा मांसल था, चुत्तर गोल गुम्बदाकार दिखता था और अंदर का हिस्सा बिना देखे बताना मेरे लिये मुस्किल था! रात को खाना खाने के बाद मौसी अपने बेटे के साथ बगल के कमरे मे सोने चली गयी!

मै स्नेहा मौसी को चोदने के लिये आतुर था, लेकिन उनके स्वभाव से नही लगता था कि वो आसानी से चुदवा लेगी! खैर रात के 11:15 बजे मौसी के कमरे की ओर गया तो कमरा का दरवाजा खुला था, मै हिम्मत करके कमरे के अंदर घुसा तो लाल रंग़ के नाईट बल्ब मे मौसी का सुंदर मुखड़ा चमक रहा था! उनका बेटा बिस्तर के एक कोने मे सो रहा था और मौसी चित अवस्था मे सोई थी, उनके सिने से साड़ी हट चुका था और मै उनके चुची को देख रहा था, उनकी सांसो के साथ चुचि उपर निचे हो रही थी, चुचि का उपरी हिस्सा ब्लाउज से बाहर था और मै उसको निहारता हुआ अपना हाथ ब्लाउज पर लगा दिया और चुचि मसलने लगा ! पल भर बाद मौसी की आंख खुली तो वो हड़्बड़ा कर उठी और मेरा ड़र से हाल खराब था, वो अपने छाती को साड़ी से धक ली और गुस्से मे बोली……… “राहुल ये तूम क्या कर रहे थे, चलो निकलो कि मम्मी को आवाज दु

(राहुल) मम्मी का क्या काम है मौसी, मुझे लगा की आप

(स्नेहा) क्या लगा, चालु किस्म कि औरत समझते हो. “मै समझ गया कि मौसी के साथ मजा करना मुस्किल है, बेड़ पर से उठा और जाने लगा तो मौसी आहिस्ते से बोली…… “राहुल एक बात यदि मानोगे तो तुम्हारी ख्वाइश पुरी हो सकती है

(राहुल) बोलिये मौसी जी क्या बात है. ” वो मुझे पास बुलाकर इसारे से बोलि कि मुझे उसकी चुत चाट्नी होगी!

स्नेहा मौसी की शर्त मुझे मञुर थी और मै बेड़ पर बैठ्कर मौसी को लेट्ने बोला, वो शर्मा रही थी और मै मौसी के साड़ी और पेटिकोट को कमर तक कर दिया! स्नेहा की मोटी-2 जाङ्ह और उनकी चुत मेरी आंखो के सामने थे, उनके बुर पर छोटे-2 बार थे लेकिन बुर का हिस्सा साफ़ सुथरा था! मै झुककर मौसी के बुर पर चुम्बन देने लगा तो वो सिसकने लगी और मुझे बार रहते हुए चूमने मे मुस्किल आ रहा था तो उसकी बुर के फ़ांक को अलग किया और अपना लम्बा सा जिभ बुर मे घुसाकर चाट्ने लगा, उसकी चुत धीली थी और 32 साल कि औरत 10-12 साल से चुदवाकर अपने बुर को लोचदार बना चुकी थी, मेरा 2/3 जिभ मौसी की बुर के अंदर घुसकर बुर को चोदने लगा और मेरा हाथ उसके ब्लाउज पर चला गया, मै चुचि को मसलता हुआ बुर को अपने जिभ से कुरेदने लगा! स्नेहा का हाल खराब था और मै पल भर बाद बुर को छोड़कर बाथरूम भागा ! वापस आया तो मौसी चुदने को आतुर थी, उनके दोनो जङ्हा के बिच बैठ्कर मै अपने लंड़ को पकड़े हुए उनके चुत मे घुसाने लगा और मौसी की चुत आसानी से मेरे मुसल लंड़ को निगल गयी!

मौसी अपने दोनो पैर को फ़ैलाए लेटी हुई थी और मेरा लंड़ बुर चुदाई करने लगा जबकी मै उसके छाती पर से साड़ी हटा दिया और चुचि को दबाता हुआ चोद रहा था! मौसी मुस्कुराने लगी और मै उनके मांसल बदन पर ओंध कर ओंठ चुमने लगा, अब स्नेहा अपने चुत्तर को उपर निचे करते हुए मस्ती मे चुदवाने लगी और मेरा लंड़ बुर के दिवार से टकरा कर मजा दे रही थी ! स्नेहा मौसी के मांसल बदन पर लेट्कर मै चोद रहा था तो वो अपने चुत्तर को उच्हालने लगी और दोनो को काफ़ि मजा आ रहा था! 5-7 मिनट कि चुदाई के बाद वो चिल्लाने लगी….. “ऊह्ह ऊम्मम्म आह्हह मेरी बुर से पानी निकलेगा राहुल. ” तो मै पुरे गति से मौसी कि चुत चुदाई करने लगा और पल भर बाद स्नेहा कि चुत पनिया गयी, मै लंड़ को बुर से निकाल कर जिभ से बुर को चाटने लगा! फ़िर दोनो साथ हि बाथरूम घुसे, मौसी तुरत हि अपने कपड़े को उत्तारने लगी, एक बेशर्म औरत कि तरह खुद ही नग्न होकर पहले तो बैठ्कर छर-2 मुतने लगी और अब बाथरूम मे ही खड़ी थी ! मै मौसी के सामने खड़ा होकर ओंठ चुमने लगा और वो साली रांड़ मेरे लंड़ को पकड़े अपने बुर मे घुसाने लगी, जब मेरा 1/2 लंड़ उसकी बुर मे था तब मै उसके एक पैर को हवा मे उठाकर निचे से तेज ठाप दिया और उसको कसकर पकड़े खड़े-2 चोदने लगा ! स्नेहा कि गिलि चुत मे मेरी लंड़ दोड़्ने लगी और मै आगे की ओर से उसकी बुर चुदाई करता हुआ उसको अपने बदन से चिपकाये खड़ा था ! 12-14 मिनट कि चुदाई के बाद दोनो के औजार गरम थे, उसकी बुर मे आग लगी हुई थी तो मेरा लंड़ भी झड़ने के करीब था, दोनो हाफ़ने लगे और वो साली रंड़ी चिखने लगी….. “ऊह्हह्ह मेरी बुर लहर रही है अपना रस तो फ़ेंको. ” फ़िर मेरे लंड़ से विर्य का प्रवाह उसकी बुर मे होने लगा !

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