प्यासी औरत और पड़ोस का लड़का : भाग २

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दानापुर आए मेरा महज दो सप्ताह हुआ होगा की सामने के फ्लैट में रहनेवाला एक लड़का रितेश को फांस ली और फिसलन के बहाने घर बुलाकर दर्द दूर करवा रही थी, दीपा उसके बदन पर सवार हुए उसके ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगी तो उसका हाथ मेरे नग्न पीठ सहला रहा था, मुझे उसके लन्ड के उभार का हाल समझ में आने लगा जब वो मेरे जांघो के बीच ठोकर मार रहा था, मैं कुछ देर उसके ओंठ चूस ली फिर अपनी जीभ उसके मुंह में घुसाए चुसवाने लगी, दीपा तो प्यासी औरत की तरह गैर मर्द के साथ सेक्स करने को उत्सुक थी और भले ही उम्र में छोटा रितेश मिला लेकिन आराम से मेरे ब्लाउज की डोरी खोलकर अब पेटीकोट के नाड़ा को पकड़ खींच लिया, मैं उसके मुंह में जीभ घुसाए उसके ऊपर लेटी थी तो वो मेरे गर्दन में हाथ डाले मस्त था और मैं ब्लाउज को थोडा गर्दन की ओर कर अपने चुचियों को उसके छाती पर रख दी, उसका हाथ मेरे चूतड के मांसल हिस्से को पकड़ दबा रहा था और आखिर में वो मेरे जीभ को छोड़ा तो मैं उठकर बैठी फिर अपने ब्लाउज और पेटीकोट खोल बेड पर नग्न हो गई, वो लेटा था तो दीपा बेड पर खड़ी होकर जांघें फैलाई फिर अपने बुर सहलाते हुए बोली ” डॉक्टर साहेब आप क्या व्हिस्की पीना पसंद करेंगे
( वो उठकर बैठा फिर मेरे जांघ चूमने लगा ) जो पिलाओगी पी लूंगा जानू ” और फिर दोनो बेड पर बैठे, फिलहाल तो सुबह के ११ ही बजे थे तो रितेश मेरे बूब्स पकड़ दबाने लगा और मैं उसके चढ्ढी नीचे खिसका लन्ड को बाहर की जोकि अर्ध टाईट था, गेहूंवा रंग का लन्ड तो लंबाई कुछ खास नहीं लेकिन मर्दों का लन्ड तो काम क्रिया के दरम्यान ही टाईट होकर अपना असली रूप दिखाता है तो मैं उसके लन्ड पकड़ बोली ” थोड़ी सी व्हिस्की पीते हैं फिर चूसना चाटना ” और मैं वहां पड़े पेटीकोट को ली फिर अपने छाती से बांधकर बोली ” डाइनिंग हॉल आ जा, नवाब नही है की तेरी दासी तुझे अपने हाथो से शराब पिलाएगी ” मैं अपने रूम के कबर्ड से एक बोतल व्हिस्की निकाली फिर डाइनिंग हॉल आकर टेबल पर रखी, फिर उसके सामने से चूतड मटकाते हुए किचन गई और ग्लास सहित कोल्ड ड्रिंक्स और सिगरेट की पैकेट लेकर आई, रितेश पूरी तरह से नंगा था, उसके बगल में बैठकर ग्लास में व्हिस्की डालने लगी ” घर से क्या बोल कर निकला है, यही ना की दीदी को चोट आई है
( वो मेरे कंधे पर हाथ रख बाहों को सहलाने लगा और गाल चूम लिया ) किसको क्या बताता बहना
( मैं पैक तैयार करते हुए बोली ) साले फिर से बहना बोला ना तो यही बोतल तेरी गांड़ में घुसेड़ दूंगी ” और फिर दोनो जाम से जाम टकराकर उसे पीने लगे तो साथ में एक सिगरेट जलाई, वो मेरी बाहों को सहलाता हुआ हाथ को मेरी चूची पर रख दबाने लगा ” पापा तो ऑफिस गए और मेरी मां को घर में रहना पसंद ही नही, मैं तो तभी फ्लैट में अकेला था जब आप कॉल की
( मैं उसके गाल चूम ली ) पहले दिन तुमसे मिली तभी समझ गई की तू फट्टू किस्म का लड़का है, दीदी दीदी की रट लगाता रहा, कोई गर्ल फ्रेंड है की नही
( वो मेरे हाथ से सिगरेट लिया और अब मैं उसके लन्ड को पकड़ हिलाने लगी ) नही, कॉलेज में पढ़ता हूं लेकिन प्यार मोहब्ब्त जैसी चीजों से मुझे नफरत है
( मैं खाली ग्लास रखकर उसके गाल चूमने लगी ) लेकिन इस टाइप के प्यार से तो एतराज नहीं ” वो ग्लास रखकर मेरे ओंठ को चूमने लगा और मैं धीरे से उसके जांघ पर बैठी, उसके कंधे में हाथ डाले उसके मुंह में जीभ घुसाई तो वो जीभ चूसने लगा और हाथ से पीठ फेर रहा था, कुछ देर बाद जीभ निकाल बोला ” दीपा तेरी चूत को चाटने का जी कर रहा है
( मैं उसके कान पकड़ ऐंठ दी ) तो नीचे जमीन पर बैठ और चाट तुझे कौन रोकेगा ” और वो मेरे पैर के पास बैठा तो मैं सोफा पर चूतड को आगे किए जांघें फैलाई तो वो मेरी बिन बार की बुर को सहलाने लगा और जांघ को ओंठ से चूम रहा था, ब्रेड पकोड़ा की तरह फूली हुई फांकें तो लालिमा लिए चूत की दरार जिसमें दो दर्जन लन्ड मजे ले चुके हैं को वो चूमना शुरू किया तो मैं उसके बाल पर हाथ फेर रही थी, उसका चेहरा मेरी जांघो के बीच था तो जांघो को सहलाता हुआ बुर पर चुम्बन देने लगा और मैं रह रहकर चूतड को आगे की ओर करती लेकिन रितेश तो मेरे सामने बच्चा था, वो कामुक होकर अपने नाक को बुर पर रगड़ने लगा तो मैं ” अरे बुद्धू बुर को फैलाकर जीभ डाल ना, पोर्न वीडियो नही देखा है क्या ” और मैं खुद ही उंगलियों की मदद से बुर फैलाई, वैसे भी बच्चा को जन्म देने के बाद चूत तो ढीली पड़ ही जाती है लेकिन फैली हुई बुर में जीभ से चटवाना तो मेरी मां को भी पसंद है। रितेश जीभ को बुर में घुसाया और चाटने लगा तो मैं उसके बाल को पकड़े उसके सर को जांघो के बीच धंसा रही थी और उसकी लंबी जीभ बुर की गहराई तक लपालप चाटने लगी तो मैं ” ओह आह उई खुजली होने लगी चाटता रह फिर मैं तेरा लौड़ा भी चुसूंगी ” और उसकी जीभ तेजी से बुर में नाचने लगी, मेरे एक बूब्स को पकड़े वो पुचकारने लगा तो मेरी बुर हो या बदन सबमें सुरसुरी होने लगी, योनि को मुंह से चाटना और चटवाने का आनंद पहले की औरतें क्या खाक जाने, उसे तो उसका पति जांघें फैलाकर चोद देता था फिर पलट कर सो जाता था लेकिन सेक्स की किताब में योनि को लिंग के अलावा मुंह से भी मस्ती आती है, मैं अब बुर चटवाकर व्याकुलता वश उसके चेहरे को पीछे कर दी ” रहने दो रितेश तुम तो खेले हुए खिलाड़ी लगते हो
( वो उठा तो उसका फंफनाता हुआ लन्ड देख मैं उसे पकड़ ली ) डार्लिंग जरा वाशरुम से तो आने दो फिर देखना कैसे लन्ड से मुंह को चोदता हूं ” वो चला गया और मैं दुबारा ड्रिंक्स बनाते हुए सिगरेट फूंकने लगी, अच्छा है की एक जवान लड़का मेरा पड़ोसी है जिसके साथ मैं सेक्स कर रही हूं और इसके माध्यम से ही कॉलेज के कई लड़के मेरी जाल में आकर मुझे चोदेंगे। रितेश वापस आकर मेरे बगल में बैठा फिर पूछा ” आप अकेले ड्रिंक्स ले रही हैं
( मैं ) तुम व्हिस्की के आदि हो या नहीं मुझे क्या मालूम
( वो मेरे चूची पर मुंह लगाया फिर चूची को मुंह में लिए चूसने लगा ) तुम सही में दूध पीते बच्चे ही हो आराम से पीयो फिर बेटा को पिलाऊंगी ” और वो मेरे छाती से लग स्तनपान करने लगा तो मैं व्हिस्की पीते हुए मस्त थी, सिगरेट खत्म होते ही उसके लन्ड को पकड़ी जोकि ६ इंच लंबा और डेढ़ इंच मोटा होगा और रितेश मेरी जांघो के बीच उंगली लगाकर बुर ने घुसाना चाहा तो उसका हाथ झटक दी ” बुर को तो रोना ही है पहले लन्ड तो चूसने दो ” और फिर दोनो ओरल सेक्स में मस्त हो गए…. to be continued.

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