जिस्म की गर्मी : भाग-६

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दीपा मूवर्स एंड पैकर्स के एक स्टाफ मोंटी के साथ मस्ती कर रही थी तो कल ही याकूब जोकि इस कंपनी का ही था ने मेरे बुर का कचूमर निकाल दिया, फिलहाल मैं बेड पर नग्न अवस्था में चित लेटी हुई थी तो मेरे गर्दन से पैर तक तेल लगाकर मालिश कर रहा था लेकिन इसके कड़े हाथ में मेरी मुलायम चूचियां ” ओह अबे हरामि धीरे धीरे चूची दबा ना तेरी मां की नहीं है
( वो मेरे चेहरे के उपर चेहरा कर बोला ) मेरी मां तो नही बहन की जरूर है और मैं बहंचोद भी हूं ” ये कहते हुए मोंटी मेरे गुलाबी ओंठ को चूमने लगा, तो मेरा जिस्म भले ही तेल से चिकना था लेकिन औरत की नंगी जिस्म को कोई मर्द कैसे छोड़े, अब मैं मोंटी के बाल कसकर पकड़ी फिर ओंठ पर ओंठ सटाए रखी और मोंटी अपने मुंह को ज्योंहि खोला, मैं अपना जीभ उसके मुंह में घुसाई और वो मर जीभ चूसता हुआ एक चूची को पकड़ मसलने लगा तो मेरा हाथ उसके पीठ पर था और फ्रेंच किस्स की क्रिया में दोनो लीन थे। मोंटी मेरे जिस्म पर पूरी तरह से सवार हुआ और जीभ छोड़ अब मुझे चूमने लगा तो मैं उसके कमर पर हाथ रखकर टावेल हटाने लगी, वो अब मेरे बूब्स को पकड़ मुंह में डालने लगा तो मैं बोली ” तुम मालिश के बहाने मुझे छेड़ रहें हो ” तो फिर वो मेरे कहने पर जिस्म पर से हटा और मैं अब पट होकर लेट गई, मोंटी मेरी कमर के नीचे तकिया लगाकर चूतड का हिस्सा थोड़ा ऊपर किया फिर मेरे पीठ पर तेल चुवाने लगा, मेरी बूब्स बिस्तर से दबी हुई थी तो मेरे कमर के नीचे तकिया डाले वो मेरी गोल गुंबदाकार गांड़ को ऊपर किए था, याकिन्न बुर का मुहाना हो या गांड़ की छेद, दोनो को मोंटी थोड़ा ऊपर रखा था ताकि उसे चोदने में कठिनाई ना हो, अब मेरी पीठ से लेकर चूतड तक तेल चुवाया और दोनो हाथों से मेरे जिस्म की मालिश करने लगा, मैं चेहरा पीछे किए दीवार पर लगीं घड़ी देखी, अभी तो ३ ही बजे थे और मोंटी के साथ मैं आराम से छह सात बजे तक मजे ले सकती थी। मोंटी मेरे गर्दन से पीठ तक तेल से जमकर मालिश करता हुआ मेरे जांघों को फैलाया फिर तकिया पर कमर तो चूतड ऊपर की ओर और उसकी एक उंगली मेरी चूत में घुसे रगड़ने लगा, अब मैं उसके मालिश से गर्म हो रही थी, उसने मेरी मोटी चिकनी जांघों पर तेल चुवाया और मालिश करता रहा तो उसने अब मैरी चूत से उंगली निकाल मुहाने को फैलाया और दो उंगली घुसेड़ रगड़ने लगा, मैं सिसकते हुए बोली ” डियर अब तेरा लन्ड देखने को जी कर रहा है उंगली निकाल ताकि सीधी हो सकूं ” । दीपा चित लेटी फिर बेड पर से उठकर वाशरूम गई और मूतने के बाद फ्रेश हुई, वापस आकर बेड पर बैठी ” वाह तेरा लन्ड तो पूरी तरह से अकड़ चुका है, लेट अब जरा चूस लूं
( वो लेटा ) डार्लिंग तुम मेरे ऊपर डॉगी स्टाइल में लेटो ना ” मैं समझते हुए उसके ऊपर घुटने और कोहनी के बल हुई लेकिन मेरा चूतड उसकी मुंह के ऊपर था तो मेरा चेहरा उसके लन्ड के पास, अब उसके लन्ड को पकड़ किस्स करते हुए मस्त थी तो मेरी फैली हुई जांघों के बीच लेकिन नीचे उसका चेहरा था, मैं उसके लन्ड का चमड़ा नीचे की फिर सुपाड़ा को जीभ से चाटने लगी, उधर मोंटी मेरी चूत में उंगली करता हुआ चूतड को चूमने लगा, मैं अब सुपाड़ा मुंह में लिए चुभलाने लगी तो एहसास हुआ कि मोंटी मेरी कमर में हाथ डाले चेहरा ऊपर की ओर किए चूत को जीभ से चाटना शुरु किया है, मैं चूत को बाल से मुक्त रखती थी और बिना चूत चटवाए किसी से नहीं चुड़वाती थी, मोंटी मेरे चूत में कुत्ते की तरह जीभ घुसाए लपालप चाटने मे लीन था तो मैं अपने पूरे मुंह खोली फिर उसका लन्ड निगल कर चूसने लगी, दोनो सेक्स की दुनिया में खो चुके थे तो मैं अब चूत की गुदगुदी से थोड़ी परेशान हुई तो तेजी से सर को हिलाते हुए उसके लौड़े को चूसने लगी, मैं बिस्तर पर हमेशा चेलेंज स्वीकार्य करती थी तो मुझे मालूम था कि मोंटी मेरे साथ मुखमैथुन क्रिया में कभी भी नहीं जीतेगा, और मेरे मुंह से लार टपकने लगा तो वो चूत से जीभ निकाल सर को तकिया पर रख सुस्त पड़ गया, मैं उसको चिढ़ाने के लिए लन्ड मुंह से निकाल पीछे की ओर देखी ” क्यों हीरो चूत चाटने में भी फेल हो गए, आज बेटा तेरे लन्ड का वीर्य चूसकर ही निकाल दूंगी
( वो मेरे गांड़ को थपथपाया ) जरूर मेरी रानी निकाल कर वीर्य पी लेना फिर खड़ा करके चोदूंगा ” मैं लन्ड पर लगे थूक को चादर से साफ की और लन्ड पकड़ मुंह में लिए मुख मैथुन करना शुरू कर दी, साले का लन्ड मेरी चूत में ८-९ मिनट तक रगड़ा दिया था तो अभी उसके लन्ड चूसते हुए मैं उसके झांट को सहलाने लगी, अब मोंटी मेरी चूत में फिर से जीभ घुसाए चाटने लगा तो एक उंगली गांड़ में घुसाए रगड़ रहा था, साले को दीपा की गोल गुंबदाकार गांड़ से प्यार हो गया था तो उसे आज बताती की मैं गांड़ किस्म की औरत हूं जिसे गांड़ चुदवाना पसंद है। मोंटी का लन्ड मेरी मुंह में पूरी तरह से टाईट हो चुका था तो मेरी चूत में भी खुजली होने लगी, समझ नही पा रही थी की चूत चुदवाऊं या गांड़, पल भर बाद मैं लन्ड मुंह से निकाल बोली ” अबे कुत्ते रस झड़ने वाला है चूत को मुंह में लेकर रस पी तो ” और मैं उसके लन्ड को जीभ से चाटने लगी जबकि मोंटी मेरी चूत के गुदाज अंग को ओंठो के बीच लिए रसपान किया फिर बुर में जीभ डालकर रस का स्वाद लेता हुआ मेरी एक बूब्स दबाने लगा, पल भर बाद बुर चाटना छोड़ दिया तो मैं उसके बदन पर से उठी फिर बेड पर लेटकर उसको बाहों में जकड़ ली, वो मेरी गांड़ सहलाने लगा ” क्या गांड़ चोदने का इरादा है
( वो बोला ) हां आपको कोई दिक्कत
( मैं ) उहूँ लेकिन तेल और क्रीम ही घुसाकर चिकना करना होगा, आइस क्रीम और मक्खन तो फ्रीज खुलने की वजह से नहीं है
( वो हंसने लगा ) आपकी गांड़ को तेल पिलाकर और अपने लन्ड पर क्रीम लगाकर ही चोदूंगा ” और फिर मैं उठकर बोली ” पहले स्नान कर लूं ताकि जिस्म की चिपचिपाहट दूर हो जाए ” और मैं नंगे ही वाशरूम घुसी, आगे के लिए इंतजार कीजिए।

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