ट्रेन में आर्मी के जवान संग सेक्स

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डियर फ्रेंडस,
मेरे पति नमन आर्मी के जूनियर कमिसंड ऑफिसर हैं तो आर्मी वालो से मुझे कुछ खास लगाव है, शादी के बाद पहली बार ट्रेन में अकेले सफर कर रही थी तो २२वर्ष की उफान लेती जवानी को कौन नहीं घूरता, वो भी मेरी जैसी लड़की जिसे तन को दिखाने का हमेशा से शौख रहा है तो मैं एक ब्लू रंग की मिनिस्कर्ट के साथ उजले रंग की टॉप्स पहनी हुई थी साथ ही हाई हिल सैंडल और मेरा छोटा भाई राहुल मुझे केफियत एक्सप्रेस के प्रथम वातानुकूलित डब्बे में बिठाकर निकल गया तो ट्रेन अब खुलने पर थी, तभी सामने के बर्थ पर एक २४-२५ साल का जवान लड़का आकर बैठा और उसके हैंडसम पर्सनैलिटी ने मुझे पल भर में उसकी ओर आकर्षित कर दिया फिर भी खुद पर काबू रखी ताकि ट्रेन के यात्री मुझे चरित्रहीन लड़की ना समझे, वैसे भी ट्रेन खुल चुकी थी तो वक़्त ००:२५ हो रहे थे, सात घंटे की यात्रा और उसमें भी पूरी रात हो तो फिर क्या दिक्कत? तभी टी टी ई आकर टिकट चेक किया और चले गए, मेरे कूप में मात्र दो यात्री तो एक शादीशुदा लड़की तो एक जवान स्मार्ट लड़का तभी मैं अपने बर्थ पर चादर बिछाकर तकिया पर सर रख सो गई साथ ही अपना चेहरा उल्टे दिशा में कर लेटी रही तो तन पर जानबूझकर चादर डाल ली थी ताकि मेरे मीनिस्कर्ट जांघों से उपर आकर सहयात्री को चूतड और मेरे खूबसूरत अंग ना दिखा दे। ट्रेन कानपुर जंक्शन से खुल चुकी थी तो कूप में हल्की रोशनी थी चूंकि मेरे सामने वाले बर्थ पर का छोकरा अपना नाईट बल्ब जलाकर कुछ पढ़ रहा था और मैं अब एक बार उसे मुड़कर देखी और फिर से उल्टे दिशा में लेट जानबूझकर चादर को कमर तक किए मिनी स्कर्ट को थोड़ा ऊपर कर दी, देखूं साला पढ़ाकू कब तक मैगज़ीन पढ़ पाता है कि मेरे गान्ड का दीवाना होता है। दीपा अपनी आंखें बन्द किए उसकी ओर चेहरा की तो निश्चित रूप से स्कर्ट मेरे आधे जांघों तक को ही ढक पा रहा था और ये सब मैं उसे रिझाने के लिए कर रही थी फिर मैं आंखें खोली तो वो साला मेरे को घुर रहा था और ज्योंहि दोनों की नजरें आपस में टकराई, मैं अपने स्कर्ट को थोड़ा नीचे करते हुए उठी फिर अपना पर्स लिए कूप से बाहर निकली ताकि वाशरूम जाकर फ्रेश हो सकूं फिर वापस आईं और अपने बर्थ पर बैठी तो वो लड़का पूछा ” आप दिल्ली तक जा रही है
( मैं थोड़ा मुंह चमकाते हुए ) हां वहीं मेरे पति आर्मी में हैं
( वो मुझे देख मुस्कुराया ) ओह मैं भी तो आर्मी में ही हूं, प्रीत ओझा
( मैं चुप सी रही ) अच्छा तो क्या आर्मी केंट में रहते हैं
( वो ) नहीं, बाहर अपने दोस्तों के साथ ” और दोनों में कुछ देर बाते हुई फिर अचानक से प्रीत उठा और मेरे बगल में आकर बैठ गया, मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई तो लग रहा था कि उसके बाहों में समाकर उसे चूम लूं, तभी प्रीत मेरे कंधे पर हाथ रख मेरे चेहरे को अपने चेहरे के सामने किया ” आप बहुत खूबसूरत हैं
( मैं उसके गाल चूम ली ) तारीफ कर मतलब निकालने के फिराक में हो ” तो दीपा उसके गोद में अपनी चूतड रख कन्धें में बाहों का हार डाले उसको चूमने लगी तो प्रीत भी मुझे चूमता हुआ मेरे पीठ सहलाने लगा।
दीपा के रसीले ओंठ को मुंह में लिए प्रीत चूसने लगा तो मैं उसके ट्रैक पेंट को कमर से नीचे करने लगीं, पल भर में ही ट्रेन का ये कूप बेडरूम बन चुका था तो दीपा के बदन पर सिर्फ़ पैंटी थी और प्रीत पूरी तरह से नंगा था, मुझे बर्थ के किनारे बिठाए प्रीत मेरी दोनों पैर को हवा में उठाकर चूत को नंगा करने लगा तो मैं अपने दोनो जांघों को बर्थ पर रख बुर चमकाने लगी और प्रीत बिना देर किए मेरी गुलाबी चूत को चूमने लगा तो मेरे हाथ उसके बाल सहला रहे थे। दीपा ट्रेन में कई बार अजनबी के साथ चुदाई का मजा ले चुकी थी तो फिलहाल अपनी बुर को उंगली की मदद से फैलाए चूत चटवाने लगी और प्रीत मेरी चूत में जीभ घुसाए चाटने लगा साथ ही मेरी चूची को पकड़ दबा रहा था, मैं अब बुर की खुजली से परेशान थी ” उह ओह प्लीज़ फॅक मी ना आह ओह मेरी चूत में तो मानो दर्जनों कीड़े टहल रहे हैं ” तो प्रीत मेरी चूत से जीभ निकाल मेरे बगल में बैठा और मेरी चूची पकड़ दबाने लगा तो मैं उसके ८-९ इंच लम्बा और ढाई इंच मोटे लन्ड को पकड़ सहलाने लगी ” बेबी प्लीज़ चूसो ना
( मैं उसके ओंठ चूम ली ) क्या तुम भी मैं मुंह में मर्द के लंड नहीं लेती ” फिर मैं कूप के फर्श पर घुटने के बल हो गई तो वो बैठा हुआ मेरी चूची पकड़ दबाने लगा और मैं उसके लंड का चमड़ा छीलकर चूमने लगी, पल भर तक उसके लंड को चूमती रही फिर सुपाड़ा को मुंह में भर चूसना शुरु की और पूरा मुंह खोले लंड को निगल चूस रही थी कि प्रीत मेरे बाल को कसकर पकड़े अपने चूतड़ को उपर नीचे करता हुआ मेरे मुंह को लंड से चोदने लगा, साले का लंड मेरे गले में जाकर बार बार अटक जा रहा था तो मेरे मुंह से लार टपक रहे थे फिर उसके लंड मुंह से निकाल जीभ से चाटना शुरु की और दोनों सहयात्री अब सहवास की ओर अग्रसर थे, कब चोदेगा? पता नहीं लेकिन एक बार चूत रसीली हो जाए फिर…. to be continued.

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