सहेली के भाई संग काम क्रीड़ा

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दोस्तों,
दीपा की खुजलाती चूत ने कभी लोकलज्जा कि परवाह नहीं की यही कारण है कि २४ साल की उम्र में ही दर्जनों संग सेक्स का लुफ्त उठा ली चाहे मेरा छोटा भाई राहुल हो या फिर मेरे पति के सीनियर गुरदीप, या फिर सहेली के पति हों या भाई मैंने सबसे जमकर कराई चुदाई तो मेरा मायके कानपुर में है और वहीं मैं पली बढ़ी हूं तो मेरी सारी सहेली यहीं की है और कुछ एक का तो ससुराल भी यही है और मेरी एक सहेली का भाई रितेश मेरे पर लट्टू था लेकिन कभी उसे भाव नहीं दी पर एक शाम जब मैं उसके साथ बाईक से घर वापस आ रही थी तो मेरी कामुकता सर चढ़कर बोलने लगी फिर दोनों ने ओरल सेक्स का आनंद एक पार्क में लिया और एक दिन तो रितेश को अपने घर बुलाकर ही चुद्वा ली, आगे क्या हुआ? मैं मायके दुबारा आई फिर इधर घर में राहुल तो बाहर रितेश साथ ही मेरी सहेली रश्मि के पति विवेक पर मेरा ध्यान था और एक शाम मैं ही रितेश को कॉल की ” हां बेबी कैसी हो
( मैं हंसने लगी ) अच्छी हूं लेकिन तू कल रात मुझे सपना में परेशान कर रहा था
( वो ) अच्छा तो कानपुर आओ फिर सपना हकीकत में बदल दूंगा
( मैं ) आ चुकी हूं कल कहां और कब मिलना है, सोचकर वॉट्सएप पर मैसेज कर देना ” फिर अगले सुबह फ्रेश होकर चाय पी ली और स्नान करके नाश्ता की तो भाई राहुल अपने कोचिंग क्लास के लिए निकल रहा था और रितेश मुझे विजयनगर चौराहा पर आने को बोला था तो मैं राहुल को बोली ” मुझे कुछ काम है, अगर विजयनगर चौराहा पर ड्रॉप कर देते
( राहुल ) ठीक है बस फटाफट तैयार हो जाओ ” मैं रूम जाकर तुरन्त ही ब्लू रंग की लेगिंग्स और टॉप्स पहनी फिर मॉम से एक दोस्त के घर जाने का बहाना देकर राहुल के साथ निकल पड़ी फिर कुछ देर बाद राहुल मुझे विजयनगर चौराहा पर छोड़कर आगे निकल गया तो मैं अब रितेश को फोन करने लगी लेकिन वो मेरा कॉल रिसीव नहीं किया और मैं समझ गई की वो जरूर बाईक पर होगा सो मेरे फोन की घंटी नहीं सुन रहा हो, कुछ पल बाद रितेश का कॉल आया और जबतक उसका कॉल रिसीव करती मेरी नजर उसपर पड़ी फिर मैं थोड़े जोर से बोली ” रितेश मैं इधर हूं ” , दो तीन बार आवाज दी फिर रितेश की नजर मुझपर पड़ी और वो मेरी ओर आया फिर मुझे देख बोला ” चलिए मैडम जी कही सैर सपाटा करते हैं ” फिर मैं उसके पीछे बाईक के सीट पर पैर दोनों दिशा में किए बैठ गई साथ ही उससे इस क़दर चिपक कर बैठी की मेरी बूब्स उसके पीठ से रगड़ खाती रहे तो एक हाथ रितेश के कमर में डाले थोड़ा नीचे की ओर ले जाने लगी और रितेश बाईक सुस्त रफ्तार से चला रहा था तो मेरी हाथ उसके लंड के उभार पर जाकर सहलाने लगी और वो बाईक को आर टी ओ चौराहा से मोतीझील की ओर ले लिया, कुछ पल बाद एक होटल में दोनों घुसे तो रितेश निश्चित रूप से रूम बुकिंग मुझे चोदने के लिए ही किया था और दोनों रूम में घुसे तो रितेश सर्विस बॉय से कुछ सामान मंगा कर दरवाजा लॉक किया। दीपा बेड के किनारे पर बैठी थी तो रितेश मेरे चेहरे के सामने आकर खड़ा हो गया और मैं अपनी कामुकता को रोक नहीं पाई, उसके जींस के बटन खोलने लगी फिर उसके कच्छा को भी उतार दी तो मेरे सामने उसका लंबा और मोटा लन्ड सुस्त अवस्था में था, मैं बिना देर किए उसके लंड को पकड़े चूमने लगी तो रितेश अपना एक पैर बेड के किनारे रख दिया फिर अपना शर्ट भी उतार फेंका और मै उसके लंड का चमड़ा छीलकर उसपर चुम्बन देने लगी, अब उसके लंड का सुपाड़ा ओंठ पर रगड़ रही थी तो वो मेरे बूब्स पर हाथ रख उसे दबाने लगा साथ ही मेरे बाल सहला रहा था और दीपा झट से उसके लंड मुंह में लिए चूसने लगी तो उसके गान्ड सहलाते हुए मैं उसके ७-८ इंच लंबे और ढाई इंच मोटे लन्ड की गर्मी मुंह में सहने लगी लेकिन काम में मुझे मुखमैथुन ही सबसे अधिक पसंद था साथ ही उसका जोर जोर से चूची दबाना मुझे गर्म कर दिया तो मैं उसके लंड मुंह से निकाल कर उठी फिर रितेश मेरे टॉप्स और लेगिंग्स उतार मुझे नग्न कर दिया तो मैं खुद से अपनी ब्रा और पेंटी हटाकर नग्न हो गई, अब दोनों नग्न अवस्था में एक दूसरे के सामने खड़े थे तो रितेश मेरे पीठ सहलाता हुआ ओंठ चूमने लगा और मैं उसके मुंह में अपनी जीभ घुसा कर चूसने का इशारा की तो रितेश मेरे जीभ चूसने लगा साथ ही मेरे गोल गुंबदाकार गान्ड को सहला रहा था, उसका लंड अब टाईट होकर मेरे नाभि से स्पर्श कर रहा था तभी रितेश मेरी चूतड के दरार में उंगली रगड़ता हुआ गान्ड में ही उंगली घुसाए कुरेदने लगा फिर उसके चेहरे को पीछे कर जीभ निकाली और वाशरूम चली गई तो वहीं बैठकर छर छर मूतने लगी। दीपा अपने जवानी के उफान पर थी तो रूम आते ही बेड पर लेटने गई लेकिन टेबल पर ड्रिंक्स देख मुंह में पानी आ गया और मैं रितेश के साथ व्हिस्की पीने लगी तो वो मेरे चूची को पकड़ मसलने लगा और मैं उसके लंड को पकड़ हिलाने लगी, एक पैक पीने के बाद तन में मानो आग सी लग गई और वो दूसरा पैक बनाकर जमीन पर बैठा, अब मैं सिगरेट सुलगाए फूंकने लगी तो वो मेरी दोनों पैर को मोड़कर सोफ़ा पर रखा और एक समझदार लड़की की तरह मैं टांगें फैलाकर चूत दिखाने लगी तो रितेश ड्रिंक्स लेता हुआ मेरे जांघ सहलाने लगा फिर उसकी ओंठ मेरे गुलाबी चूत को चूमने लगी तो मैं अब कामुकता की आगोश में आकर आहें भरने लगी ” उह ओह चाट साले ” तो वो मेरे चूत पर व्हिस्की गिराकर चाटना शुरु किया और मैं अब ग्लाश टेबल पर रख चूत को फैलाई तो वो अपना लंबा सा जीभ मेरी बुर में घुसाए चाटने लगा और मैं खुद से उसकी हाथ को पकड़े अपने चूची पर लगा दी तो वो बुर चाटता हुआ मेरे चूची दबाने लगा….. to be continued.

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