पति के संग संभोग : भाग-२

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हैलो दोस्तों,
चटाई पर दीपा नंगी अपने पति नमन के साथ है तो नमन लेटे हुए मुखमैथुन का आनंद ले रहे हैं और मैं उनके ८-९ इंच लम्बा और ढाई इंच मोटा लंड को चूस चूसकर लोहे की सलाख बना दी अब उसको मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी, उसके गोल मुलायम सुपाड़े को चाटने का आनंद ही अलग था तो उसके लंड के उपर से नीचे तक को ऐसे चाट रही थी मानो आइस क्रीम खा रही हूं और लंड चाटना मेरी आदत सी थी जोकि भाई राहुल के साथ लगी थी, अब नमन उठकर बैठा और मुझे लेटने को बोला तो मैं चित होकर लेट गई। दीपा के नग्न खूबसूरत बदन पर दोनों चूचियां मानो नारंगी के आकार के हों तो पतली कमर के साथ मोटे चिकने जांघों के बीच चूत, दोनों फांकें मोटी तो छेद फैली हुई लेकिन बार का नामोनिशान तक नहीं साथ ही मेरे गोल गुंबदाकार गान्ड देख मर्दों का लंड फुंफकारने की खबर मुझे मालूम है तो मेरे लेटते ही नमन मेरे छाती पर तेल चूवाने लगा और कमर तक तेल गिराकर दोनों हाथों से मालिश करने लगा, पति शराब के नशे में मस्त था तो मैं सुबह से नाश्ता तक नहीं की थी लेकिन तन की भूख के सामने पेट की भूख का कोई मतलब ही नहीं और मेरे बदन पर तेल मालिश कर नमन मेरे दोनों चूचियों को पकड़ा फिर अपने मजबूत हाथों से मसलने लगा और मैं अपने जांघ पर जांघ चढ़ाए रगड़ने लगी, बदन की आग बढ़ती जा रही थी तो मैं आहें भरने लगी ” ओह उह नमन प्लीज़ मेरी चूत भी चाट दो ना
( वो चूची छोड़कर मेरे पेट से कमर तक की मालिश करने लगा ) चूत चाट दूं, क्या बोलती है साली मैं तेरे भोंसड़े पर मुंह नहीं लगाऊंगा
( मैं दुखी मन से बोली ) जो आपकी इच्छा, वैसे स्वाद बिना जाने आपको खराब लगने लगा ” तो नमन कुछ नहीं बोला और मेरे जांघ से लेकर पैर तक तेल मालिश करने लगा और मेरे बदन में मानो करेंट प्रवाहित हो रही थी, कुछ नहीं तो चोदे बिना नहीं रहेगा और फिर मुझे उल्टा लेटने को बोला तो में पट होकर लेट गई, अब चटाई पर मेरे तेल से चिपचिपे बदन चिपकने लगे तो मैं अपने दोनों जांघों को फैलाकर नमन के सामने उल्टा लेटी हुई थी। पल भर बाद मुझे उनके ओंठ का एहसास पीठ पर मिलने लगा तो मैं उनके प्यार करने के तरीके से काफी खुश थी, अब मेरे कमर से चूतड़ तक पर चुम्बन देने लगी तो मेरे चूत की खुजली तेज होने लगी और मेरे मुंह में उनका लंड या फिर उनका मेरी चूचियों को चूसना बदन को गर्म करने के लिए काफी था, तभी वो मेरे गान्ड के दरार में जीभ फेरने लगे तो उनकी जीभ गान्ड के छेद पर रुक सी गई फिर वो पल भर गान्ड के छेद में जीभ घुसाए चाटने लगे तो मैं सिसकने लगी ” ओह आह अब चोद दो नमन
( वो मेरे जांघ के पिछले हिस्से को चूमने में लगे हुए थे ) चोदूंगा लेकिन तेरे से शादी हुए ७-८ महीने हो गए पर गान्ड का स्वाद नहीं चखा हूं ” मैं कुछ नहीं बोली फिर वो मेरे जांघों को चूमकर उठे और नंगे ही चले गए, दीपा उल्टा ही लेटी रही और पल भर बाद वो बटर की टिकिया लेकर आए फिर बोले ” अब तू चित हो जा, देखता हूं बटर लगाकर बुर चाटने में आनंद आता है या नही ” मैं चित होकर लेटी तो नमन मेरे दोनों पैर को दो दिशा में किए फैला दिए फिर मेरे जांघों के बीच बैठकर बुर पर बटर की टिकिया रगड़ने लगे तो मेरे बदन कि आग बढ़ते गई, अब वो मेरे हल्के से फैली चूत को फैलाकर उसमें बटर घुसाने लगे तो आधा टिकिया घुसकर आधा बाहर ही रह गया लेकिन मेरे पति उसको अंदर डालने के लिए बुर में एक उंगली घुसाए फिर बटर का टिकिया और उनका एक उंगली अंदर घुसने लगा लेकिन मेरी जान निकल रही थी ” ओह नमन प्लीज़ उंगली निकाल लो
( वो पूरी टिकिया अंदर किए ) साली मेरा लांड़ लेने में दर्द नहीं होता और अभी फट रही है ” तभी नमन मेरी गान्ड के नीचे तकिया डालकर झुका तो पहली बार वो मेरी चूत चाटने के क्रम में थे और मेरे बुर की आग से बटर धीरे धीरे पिघलने लगी तो वो बुर पर चुम्बन देने लगे और फिर उंगली से फैलाकर चूत में जीभ घुसाए चाटने लगे तो मेरी चूत चिपचिपाहट के मारे खुजली बढ़ा रही थी और वो पूरी जीभ चूत में घुसाए जीभ को अंदर घुमाने लगे तो दीपा के बदन में सिहरन होने लगी और मैं थोड़ा उठकर उनके सर को सहलाते हुए अपने चूत की ओर धंसाने लगी ” उई मां आह कितनी गुदगुदी उह नमन अब चोद भी दो ” तो वो बुर से जीभ निकालकर मुझे देखा फिर मेरे बुर की दोनों फांकों को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगा, मेरे बुर से मानो मूत निकल जाती लेकिन रज की धार छूट पड़ी तो वो मुंह से चूत निकाले ” छिह कितना गन्दा स्वाद है रस का ” अब वो पानी पीने लगे तो मैं उनके सामने बैठी हुई थी……. to be continued.

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