शादी की रात : भाई और बहन का प्यार

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फ्रेंड्स
राहुल अपने गांव एक शादी में शरीक होने आया था तो महज संयोग ही था कि मेरी चचेरी बहन रिमझिम भी वहां आई हुई थी, शादी के बाद उससे पहली मुलाकात थी तो पहले से उसका बदन काफी निखर गया था साथ ही उसके बदन में थोड़ा भराव आ चुका था, नयन नक्श सुंदर तो छरहरा बदन इतना ही नहीं चूचियों का आकार बड़ा हो चुका था साथ ही गोल गद्देदार चूतड में उभार आ चुका था आखिर शादी का मतलब तो कुछ होता है, दो बदन मिलकर प्यार और जिस्मानी संबंध बनाकर एक दूसरे को संतुष्ट करते हैं लेकिन रिमझिम इतनी कामुक होगी नही पता था और उस पर निगाहें टिकी रही आखिर मैं भी जवान छोकरा तो वो भी जवानी के दहलीज पर कदम रख चुकी थी। आज तो एक लड़की की शादी थी वो भी रिश्ते में चचेरी बहन ही लगती लेकिन उससे पहले ही रिमझिम और राहुल सेक्स करके मस्त हो गए, शादी की शाम मैं फ्रेश हुआ तो रिमझिम के हब्बी मुझे साथ में ड्रिंक्स का न्यौता दिए तो मुझे लगा की आज रात व्हिस्की पीकर ही उनकी बीबी को चोदा जाए, मेरे जैसा बेशर्म भाई और रिमझिम जैसी चरित्रहीन बहन का मिलन तय था और फिर शाम को मैं घर के छत पर ही रिमझिम के हब्बी विवेक के साथ बैठकर ड्रिंक्स लेने लगा और कुछ देर बाद रिमझिम वहां आई तो मैं उसे देख तड़प उठा, ब्राउन रंग के लहंगा और चोली में सेक्सी लग रही थी तो उसके उफान लेती चूचियों पर नजर गड़ाते हुए मैं मुस्कुराया तो विवेक बोला ” वाह रिमझिम तुम तो बिल्कुल ही दुल्हन लग रही हो
( रिमझिम अपने कमर पर हाथ रख बोली ) क्यों भैया आप भी ड्रिंक्स लेते हैं
( मैं उसके नग्न सपाट पेट से लेकर छाती तक को घूरने लगा ) हां रिमझिम कभी कभार सब कुछ लेता हूं, तुम जाओ और शादी की गीत गाओ ” तो वो मेरे सामने से कमर मटकाते हुए चली गई और जीजा साला ड्रिंक्स लेकर मस्त हो रहे थे, लगभग ०७:४५ बजे शाम दोनो तैयार हुए फिर शादी के घर की ओर चल पड़े। मैं शादी के आंगन गया लेकिन विवेक जी तो गांव के दामाद थे, द्वार पर ही उनको कुछ रिश्तेदारों ने बिठाया और मैं आंगन गया लेकिन ध्यान तो रिमझिम पर ही था, वो वहां नहीं दिखी तो मैं आंगन से बाहर आ गया फिर द्वार पर बैठकर सबसे बात करने लगा, बारात रात १०:०० बजे तक आती फिर जयमाल और फिर बारातियों का स्वागत तो पूरी रात का कार्यक्रम था, तभी रिमझिम को आंगन से बाहर निकलते देखा तो मैं भी उठकर उसके पीछे चल दिया, शादी की रात कौन कहां है और क्या कर रहा है कोई ध्यान नही देने वाला तो रिमझिम अपने भाई के साथ ही मस्ती करेगी ऐसा तो उसके हब्बी नही ही कल्पना करेंगे। मैं रिमझिम के पीछे कुछ दूर गया तो वो रास्ता अनाज के गोदाम की ओर जाता था और फिर उधर अंधकार के साथ खेत तो गोदाम के पास दोनो रुक गए और वो मेरे करीब होते हुए बोली ” घर पर कोई नही है वहीं चलते हैं
( मैं रिमझिम को बाहों में लेकर गाल चूमने लगा ) यहां क्या दिक्कत हैं डार्लिंग ” तो मेरा हाथ उसके गोल गद्देदार गांड़ को सहलाने लगा और फिर रिमझिम मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दी तो मैं उसके जीभ मुंह में लिए चूसने लगा, उसके मखमली गांड़ के मांसल हिस्से को मुट्ठी में लिए दबाए जा रहा था तो रिमझिम अपनी बूब्स मेरे छाती से रगड़ते हुए मुझसे चिपकी हुई थी। मैं कुछ देर तक बहन के जीभ को चूसता रहा तो उसकी आंखें बंद हो चुकी थी साथ ही काम की मूर्त रिमझिम मेरे से लिपटे मुंह से जीभ निकाली तो मैं उसके पीठ सहलाते हुए गाल चूमने लगा और फिर गोदाम के बाहर पड़े एक चौकी पर दोनो बैठ गए तो मेरा हाथ उसके चोली के उपर से ही बूब्स दबाने लगा और रिमझिम बोली ” आज लगता है मेरे सैंया यहीं पर मुझे ठंडा करेंगे
( मैं उसके पीठ पर हाथ लगाए चोली की डोरी खोल दिया ) सिर्फ ऊपरी भाग नंगा करूंगा और लहंगा कमर तक करके चोदूंगा ” तो उसके ब्रा में कैद चूचियों को पकड़ दबाने लगा साथ ही उसके गाल चूम रहा था।
रिमझिम तो अर्ध नग्न अवस्था में बैठी हुई थी फिर मैं उसके ब्रा को खोल अपना चेहरा उसके बूब्स पर लगाया और चूची मुंह में लिए चूसने लगा तो दूसरे चूची को पकड़ मसलने लगा, दोनो स्तन दूध से मानो लबालब हो और उसके स्तन को चूसते हुए एहसास हुआ की वो मेरे पेंट के बटन को खोल रही है, मैं दाहिने स्तन को मुंह से निकाल दिया फिर रिमझिम का काम आसान करने के लिए उसके सामने खड़ा हुआ और पेंट उतार चौकी पर रखा, थोड़ी बहुत रोशनी चांदनी रात की वजह से मिल रही थी तो रिमझिम झट से मेरे चढ्ढी को नीचे खिसका दी और मेरे लन्ड को पकड़ हिलाना शुरु की तो मैं एक पैर चौकी पर रख आगे खिसका तो बहन लन्ड का सुपाड़ा नाक से लगाए सूंघने लगी और मैं हाथ नीचे कर उसके चूची को पकड़ा फिर दबाने लगा। रिमझिम कामुक होकर मेरे लन्ड मुंह में भर ली फिर चूसना शुरू की तो मैं व्हिस्की के नशे में मस्त था और उसके मुंह में मेरा लन्ड टाईट होने लगा तो मैं रिमझिम के बाल को कसकर पकड़े कमर हिलाते हुए मुंह में ही धक्का देने लगा, मुंह की चुदाई का आनंद ही अलग था तो रिमझिम मेरे कमर में हाथ लगाए मुंह को आगे पीछे करते हुए मुखमैथुन का मजा देने लगी और दोनो मस्त थे, इतने में रिमझिम की मोबाइल बजने लगी तो भी वो मुखमैथुन में मस्त थी और फिर मैं उसके मुंह से लन्ड निकाला और वो मोबाइल देख बोली ” मां का फोन था
( मैं बोला ) जाकर आंगन में मिल आओ फिर यहीं कुछ देर बाद तेरी बूर चोदूंगा ” तो मैं चढ्ढी और पेंट पहन लिया तो वो ब्रा और लहंगा पहन पहले वहां से खिसकी जबकि मैं वहीं बैठकर सिगरेट फूंकने लगा, आगे क्या हुआ…

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