ड्राइवर ने टैक्सी बढ़ाई और पीयूष ने अपना हाथ रोजी की जांघ पर रख कर उसकी जांघ सहलाते हुए अपना […]
Author: Sanjaysingh
गुप्ता जी के कारनामे भाग 12
घड़ी में 8:30 हो रहे थे पीयूष ने एक बार सोचा कि आज की रात अंकिता उसके साथ सोने वाली […]
गुप्ता जी के कारनामे भाग 13
अंकिता ने पीयूष को नशीली आंखों से देखते हुए कहा पापा मैं सच मे मम्मी जैसी लगती हूँ क्या पीयूष […]
गुप्ता जी के कारनामे भाग 14
अपनी गांड़ पर पीयूष के होठो की गुदगुदी और उसकी सांसो की गर्मी महसूस कर के अंकिता का नन्हा सा […]
चचेरी बहन ने बदला जीवन भाग 1
नमस्कार दोस्तों यह कहानी पूर्णतया काल्पनिक है इसका किसी व्यक्ति या जगह से कोई सम्बन्ध नही है स्थानों के नाम […]
चचेरी बहन ने बदला जीवन भाग 2
वो जल्दी से बाहर आई और बोली चलिए भैया यही पीछे वाली सड़क पर एक पार्क है वहीं तक चलते […]
चचेरी बहन ने बदला जीवन भाग 3
बबिता बाहर बैठी सब्जियां काट रही थी मुझे देखते ही चहक कर मुस्कुराते हुए बोली गुड मॉर्निंग भैया उठ गए […]
